सभी पात्र होते हैं ब्राह्मण
आयोजन कराने वाले सेठ परिवार के किशन सेठ ने बताया कि नगर की ऐतिहासिक रामलीला के लिए मथुरा भवन में पिछले एक माह से तैयारियां चल रही थीं, जो अब पूरी हो गई हैं। उन्होंने बताया कि रामलीला के सभी पात्र ब्राह्मण ही होते हैं। ये परंपरा शुरू से चली आ रही है।
एक खासियत और है कि जब रामलीला का मंचन करने के लिए पात्र तैयार हो जाते हैं और उनका तिलक व आरती हो जाती है, तो उसके बाद कोई भी पात्र पैदल नहीं चलता। उन्हें रथ या पालकी से ही मेला मैदान व अन्य स्थलों तक ले जाया जाता है।