फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लखीमपुर के किसानों को 1.46 अरब का झटका

Sat, 06 Jun 2015 07:03 PM IST
लखीमपुर खीरी
विज्ञापन
विज्ञापन
राज्य सरकार के एक फैसले से चीनी मिलों को बड़ी राहत मिल गई है, लेकिन जिले के किसानों को एक अरब 46 करोड़ 15 लाख 63 हजार का झटका लगा है। यह ब्याज की रकम पेराई सत्र 2012-13 और 2013-14 अवधि की है। जबकि पेराई सत्र 2014-15 में चीनी मिलों पर ब्याज के तौर पर 38 करोड़ 28 लाख 48 हजार की देनदारी बन चुकी है, लेकिन इस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।
विज्ञापन

बता दें कि गन्ना एक्ट के तहत किसानों से खरीदे गए गन्ना मूल्य का भुगतान 14 दिन में करना अनिवार्य है, जिसके बाद बकाया मूल्य पर किसान ब्याज पाने का हकदार है। इसी के मद्देनजर पेराई सत्र 2012-13 में चीनी मिलों पर बतौर ब्याज 66 करोड़ 65 लाख 34 हजार की देनदारी थी। जबकि 2013-14 में चीनी मिलों पर 79 करोड़ 50 लाख 29 हजार रुपये ब्याज की रकम बकाया थी। इस अवधि में मिलों ने किसानों को काफी छकाने के बाद देरी से भुगतान किया था। सबसे ज्यादा ब्याज की रकम बजाज ग्रुप की तीन मिलों गोला, पलिया और खंभारखेड़ा पर 76 करोड़ 90 लाख 47 हजार रुपये बकाया थी, जिससे इस ग्रुप को सबसे ज्यादा राहत मिली है। जबकि अन्य छह चीनी मिलों पर करोड़ों की देनदारी थी। लिहाजा एक अरब से अधिक बकाया ब्याज की रकम से किसानों को मरहम मिलने की उम्मीद थी, लेकिन सरकार के फैसले से अब यह धूमिल हो चुकी है।
38.28 करोड़ ब्याज में उम्मीद अभी कायम
पेराई सत्र 2014-15 में आठ मिलों पर 38 करोड़ 28 लाख 48 हजार रुपये किसानों का ब्याज बकाया है, जिस पर अभी फैसला होना बाकी है। सबसे ज्यादा ब्याज की रकम बजाज ग्रुप की तीन मिलों गोला, पलिया और खंभारखेड़ा पर 28 करोड़ 18 लाख 45 हजार रुपये बकाया है। जबकि समय से भुगतान के चलते अजबापुर मिल पर ब्याज की रकम शून्य है।
विज्ञापन

जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने बताया कि ब्याज को माफ करने के संबंध में अभी शासनादेश नहीं मिला है। प्राप्त निर्देशों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें