गोला गोकर्णनाथ। गोला बस अड्डे पर बेहतर यात्री सुविधाओं का दावा बेमानी है। यहां यात्रियों को पीने का पानी भी मुश्किल से मिल रहा है। नल खराब है, कोई अन्य इंतजाम भी नहीं है। शौचालय और सफाई व्यवस्था भी कागजी है।
जिले में गोला डिपो यातायात का मुख्य केंद्र है। गोला से लंबी दूरी और लोकल रूट पर प्रतिदिन परिवहन निगम की 65 बसें संचालित होती हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए डिपो पर 38 अनुबंधित बसें भी हैं। विभिन्न रूटों पर प्रतिदिन करीब 15 हजार यात्री आते-जाते हैं। यात्रियों को सफर की सुविधा तो मिलती है, लेकिन बस अड्डे पर अव्यवस्थाओं का बसेरा है। बस अड्डे पर परिवहन निगम व नगरपालिका की ओर से शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है। यूरिनल भी बदहाल हो गया है।
इसका असर यात्री सुविधाओं पर पड़ रहा है। शौचालय न होने से सबसे अधिक समस्या महिला यात्रियों को होती है। यात्रियों को इधर-उधर भटकना पड़ता है। बेहतर व्यवस्थाओं का दावा करने वाले विभागीय अधिकारी, यात्रियों की इस समस्या से अनजान बने हैं। बस अड्डे की व्यवस्थाओं को सुधारने को लेकर सजग नहीं हैं।
भवन भी हो चुका है जर्जर
गोला डिपो का दशकों पुराना भवन जर्जर हो गया है। भवन की स्थिति में सुधार की जरूरत है। बस अड्डे पर पेयजल के इंतजाम भी बदहाल हैं। परिसर में लगा नल कई महीनों से खराब पड़ा है। वर्कशाप में लगा नल भी खराब पड़ा है। यात्रियों को प्यास बुझाने के लिए रुपये खर्च करने पड़ते हैं। बस अड्डे पर यात्रियों के बैठने के इंतजाम भी सही नहीं है। जर्जर भवन के नीचे ही यात्री बसों का इंतजार करते हैं। परिसर में गंदगी की समस्या भी रहती है। गोला डिपो इंचार्ज कमलेश कुमार वर्मा ने बताया कि यात्री सुविधाओं के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं। स्वीकृति मिलने पर व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जाएंगी।
बस अड्डे पर खराब पड़ा नल