नए चयन का विरोध, कुशल मजदूरी के बराबर मानदेय की मांग
सोशल आडिट कोआर्डिनेटर वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार और अफसरों की नीतियों के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों ने निदेशक सोशल आडिट की ओर से जारी नई भर्ती प्रक्रिया के आदेश को निरस्त करने की मांग की। कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष मुश्ताक अंसारी ने कहा कुछ अफसर सोशल आडिट जैसी भ्रष्टाचार निवारण एवं जनजागरूकता पैदा करने वाली व्यवस्था को फ्लाप करने में जुटे हैं।
विलोबी मेमोरियल परिसर में कोआर्डिनेटरों के समर्थन में सोशल आडिट टीम के सदस्य भी प्रदर्शन में शामिल हुए। पदाधिकारियों ने प्रमुख मांगों पर चर्चा करते हुए प्रति सोशल आडिट मानदेय देने के प्रस्ताव को खारिज करते हुए पूर्व की भांति मासिक मानदेय देने की मांग रखी। कार्यकाल की वार्षिक समय सीमा को समाप्त कर योजना चालू रहने तक सेवारत रहने का शासनादेश जारी करने की मांग की गई। ब्लाक रिसोर्स पर्सन/डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स पर्सन पदनाम के बजाय पूर्व की भांति जिला/ब्लाक सोशल आडिट कोआर्डिनेटर करने, कोआर्डिनेटरों का मासिक मानदेय कुशल मजदूरी के बराबर करने की मांग प्रमुखता से की गई। प्रदर्शन में अली बहादुर, यूनुस अली, प्रबोध तिवारी, सुबोध तिवारी, दीपक मिश्रा, महेंद्र सिंह, मोहम्मद अकील, मोनी बेगम, सरमीन शामिल हुए।