जिला अस्पताल में मरीज की जांच करते डॉ. अमितेश द्विवेदी। संवाद
लखीमपुर खीरी। सर्दियों की शुरुआत के साथ ही बुजुर्गों में घुटनों के दर्द की समस्या एक बार फिर बढ़ने लगी है। ठंड बढ़ते ही जोड़ों में अकड़न, सूजन और दर्द की शिकायतें आम हो गई हैं। इसका सीधा असर जिला अस्पताल की ओपीडी में भी देखने को मिल रहा है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में बुजुर्ग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब एक हजार नए मरीजों की ओपीडी हो रही है। इसमें बीते एक सप्ताह में करीब 300-350 गठिया के मरीज इलाज के लिए पहुंचे। ओपीडी में आने वाले मरीजों में अधिकांश ऐसे बुजुर्ग हैं, जिन्हें चलने-फिरने में परेशानी हो रही है। कई मरीज सुबह उठते ही घुटनों में तेज दर्द और जकड़न की शिकायत कर रहे हैं।
जिला अस्पताल के अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. अमितेश द्विवेदी ने बताया कि सर्दी में तापमान गिरने से जोड़ों की मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्त संचार प्रभावित होता है और दर्द बढ़ जाता है। इस समस्या से बचाव ही सबसे बेहतर इलाज है। इसलिए बुजुर्ग ठंड से बचाव करें। घुटनों को गर्म रखें और सुबह-शाम हल्की धूप जरूर लें। अत्यधिक ठंड में बाहर निकलने से बचें और आवश्यक हो तो ऊनी कपड़ों के साथ घुटनों पर नी-कैप का प्रयोग करें।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
-नियमित योग और हल्का व्यायाम करें। ठंडे खाद्य पदार्थों से परहेज करें। धूप में बैठें, ताकि विटामिन डी की कमी न हो। पौष्टिक आहार जैसे दूध, दही व मौसमी सब्जियां खाएं। ठंड में निकलने से बचें, जरूरत होने पर गर्म कपड़े पहनें।