किसान दिवस के मौके पर गोष्ठी हुई, जिसमें किसानों ने बकाया गन्ना मूल्य का मुद्दा जोर शोर से उठाया। गोष्ठी में खाद किल्लत की समस्या उठाई, जिस पर एआर कोआपरेटिव ने फास्फेटिक खादों की उपलब्धता का हवाला दिया। इसके अलावा खराब नलकूपों को लेकर किसानों ने शिकायत की।
कलक्ट्रेट सभागार में उप कृषि निदेशक डॉ. शिवकुमार केसरी ने कृषि विभाग की ओर से संचालित योजनाओं के बारे में किसानों को विस्तार से जानकारी दी। योजनाओं का लाभ लेने के लिए टोल फ्री नंबर 18002001050 पर मिस्ड कॉल कर पंजीकरण कराने के संबंध में जानकारी दी गई। बेहजम के बड़रिया गांव निवासी किसान ने नलकूप संख्या 134 की पाइप लाइन और 137 के कुलाबा खराब होने की शिकायत की, जिस पर अधिशाषी अभियंता ने शीघ्र समस्या के निराकरण का आश्वासन दिया। पशुपालन विभाग की ओर से चलाई जा रही कामधेनू योजना के बारे में जानकारी दी गई। कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुहेल ने किसानों को टाइम, टेक्नोलोजी और मैनेजमेंट के अनुसार खेती करने की विधि बताई। जिला उद्यान अधिकारी दिग्विजय सिंह ने पेठा की खेती पर जोर दिया। जलभराव वाले क्षेत्र में किसानों को अमरूद के पौधे रोपने की जानकारी दी। उन्होंने प्रोसेसिंग यूनिट एवं पाली हाउस की स्थापना के लिए लघु एवं सीमांत किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान की जानकारी दी। गन्ना विकास निरीक्षक राजेश कुमार ने गन्ना मूल्य भुगतान के बारे में जानकारी दी। प्रगतिशील किसान डॉ बेनी सिंह ने जैविक खेती के बारे में विस्तार से जानकारी दी। खाद की समस्या पर एआर कोआपरेटिव आरके सिंह ने बताया कि यूरिया आपूर्ति के लक्ष्य 46 हजार के सापेक्ष 21 हजार एमटी यूरिया मिल पाई, जिससे किल्लत का सामना करना पड़ा है। उन्होंने बताया कि फास्फेटिक खादों की कमी नहीं होने दी जाएगी। इस मौके पर विभिन्न क्षेत्रों से आए किसान और अधिकारी मौजूद रहे।