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मिलावट का जहर: बेसन और चायपत्ती में किडनी खराब करने वाला रंग, दूध-पनीर और मावा में मिला सोडा

Sat, 21 Feb 2026 01:05 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

मुनाफे के लालच में कुछ लोग खाद्य पदार्थों में मिलावट का जहर घोल रहे हैं। लखीमपुर खीरी में समय-समय पर खाद्य पदार्थों के लिए गए सैंपलों की जांच में कई घातक तत्व मिले हैं, जो सेहत के लिए बेहतर खतरनाक हैं। जानते हैं पूरी रिपोर्ट... 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepic
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विस्तार
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यदि आप बाजार से खाद्य पदार्थ खरीदकर उनका सेवन कर रहे हैं तो सावधान हो जाएं। कुछ कारोबारी अधिक मुनाफे के लालच में ऐसे तत्वों की मिलावट कर रहे हैं, जो लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। यह दावा लखीमपुर खीरी के खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट में सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, कचरी, बेसन और चायपत्ती में नॉन-परमिटेड रंग की मिलावट पाई गई है। दूध, पनीर और मावा में सोडा तथा पान मसाला में गैम्बियर मिलाए जाने की पुष्टि हुई है। चिकित्सकों के अनुसार, ऐसे तत्वों के सेवन से किडनी और लिवर को नुकसान पहुंच सकता है तथा कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।

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खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन समय-समय पर शिकायतों या त्योहारों के अवसर पर विशेष अभियान चलाकर सैंपलिंग करता है। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई भी की जाती है। इसके बावजूद मिलावट पर पूरी तरह लगाम नहीं लग पा रही है। सहायक आयुक्त खाद्य बृजेंद्र शर्मा ने बताया कि कुछ कारोबारी खाद्य पदार्थों को आकर्षक व चमकदार दिखाने के लिए अखाद्य रंग मिलाते हैं, जो गैरकानूनी है।

यह भी पढ़ें- यूपी में मिलावट का खेल: भुने चने में औरामाइन की मिलावट, चायपत्ती में भी जिंदगी छीनने वाले रंग, घी भी अधोमानक
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पिछले 10 महीनों में दूध, खोया और पनीर के एक-एक नमूनों में सोडा मिलने की पुष्टि हुई है। अधिकारियों का कहना है कि कई बार दूध के बर्तनों को साबुन या डिटर्जेंट से धोने के बाद ठीक से न साफ करने पर अवशेष रह जाते हैं, जिससे जांच में सोडा की पुष्टि हो सकती है।

70 प्रतिशत नमूने मानक पर खरे नहीं 
मार्च 2025 से जनवरी 2026 तक 10 महीनों में विभाग को 341 जांच रिपोर्ट प्राप्त हुईं। इनमें 264 नमूने अधोमानक (मानक से कम गुणवत्ता वाले) और 22 नमूने असुरक्षित पाए गए। अधोमानक मामलों में एडीएम कोर्ट तथा असुरक्षित मामलों में सीजीएम कोर्ट में मुकदमे दायर किए गए हैं। इस अवधि में 88 मामलों का निस्तारण हुआ, जिसमें कारोबारियों पर 18.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, जो अधिकांश ने जमा कर दिया है।

होली पर विशेष निगरानी
त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है, जिससे मिलावट की आशंका भी बढ़ती है। होली के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष निगरानी शुरू कर दी है। सहायक आयुक्त खाद्य बृजेंद्र शर्मा ने बताया कि अभियान शुरू कर दिया गया है। 25 फरवरी तक एफएसडीए की मोबाइल वैन शहर में ऑन-द-स्पॉट जांच करेगी। बाहर से आने वाली मिठाई और खोया पर विशेष नजर रखी जाएगी।

फोर्टिफाइड चावल में आयरन की मात्रा कम 
करीब चार महीने पहले फोर्टिफाइड चावल के चार तथा राइस कर्नेल के तीन नमूनों की जांच रिपोर्ट फेल आई थी। फोर्टिफाइड चावल में 72 से 106 ग्राम प्रति क्विंटल आयरन निर्धारित है, जबकि जांच में यह 36 ग्राम पाया गया, जो मानक से कम है। वहीं राइस कर्नेल में 28 से 42.5 ग्राम प्रति क्विंटल के सापेक्ष 72 ग्राम आयरन पाया गया, जो मानक से अधिक था। हालांकि इस अंतर से तत्काल शारीरिक नुकसान की आशंका नहीं है, फिर भी मानक के अनुरूप होना आवश्यक है।
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श्रेणीवार रिपोर्ट (मार्च 2025–जनवरी 2026)
खाद्य पदार्थ   अधोमानक      असुरक्षित
दूध 31 01
मावा 14 01
पनीर 34  01
घी  03   00
दूध की मिठाई 32 00
खाद्य तेल 11  00
रिफाइंड 04  00
सब्जी/फल 10 01
सौंफ/मसाला 05    04
अनाज  49  04
बोतलबंद पानी 01 01
सामान्य मिठाई 09   01
पान मसाला  01  02
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