लखीमपुर खीरी। श्रम विभाग की ओर से संचालित प्रधानमंत्री श्रमिक योगी मानधन योजना में सर्वाधिक श्रमिकों को जोड़ने पर लखीमपुर खीरी को प्रदेश में पहला स्थान मिला है।
शासन की ओर से 550 श्रमिकों को योजना में जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था। इसके सापेक्ष श्रम विभाग ने एक अक्तूबर तक 516 का पंजीकरण कराया है। इस उपलब्धि पर जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने विभागीय अफसरों की सराहना की है। प्रधानमंत्री श्रमिक योगी मानधन योजना के तहत 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर व्यक्ति काे 3000 रुपये प्रति माह पेंशन दिए जाने की व्यवस्था है। इसके लिए लाभार्थी को नाममात्र का अंशदान जमा करना होता है।
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योजना का लाभ लेने के लिए पात्रताएं
योजना का लाभ 18 से 40 वर्ष तक के लोग ले सकते हैं। इसमें फेरी लगाने वाले, ईंट-भट्टे पर काम करने वाले, रिक्शा चालक, भूमिहीन श्रमिक, खेतिहर मजदूर, घरेलू नौकर, मोची आदि शामिल हो सकते हैं, बशर्तें इनकी मासिक आय 15 हजार रुपये या इससे कम हो। योजना का लाभ लेने के लिए जन सेवा केंद्र से पंजीकरण करा सकते हैं। इसके बाद योजना बैंक खाते से लिंक हो जाएगी, जिसके बाद प्रत्येक माह अंशदान खाते से कटने लगेगा।
55 से 200 तक है अंशदान
श्रम प्रवर्तन अधिकारी संतोष त्रिपाठी ने बताया कि योजना में उम्र के अनुसार अंशदान निर्धारित है। 18 वर्ष की आयु में 55 रुपये, 19 वर्ष की आयु में 58, 20 वर्ष की आयु में 61, 21 वर्ष की उम्र में 64, 22 की उम्र में 68, 23 की उम्र में 72, 24 की उम्र में 76 रुपये निर्धारित है। इसी तरह 40 वर्ष तक 200 रुपये अंशदान है। जितना अंशदान लाभार्थी का जमा होगा, उतना ही केंद्र सरकार जमा करेगी। 60 वर्ष की उम्र पूरी होने पर तीन हजार रुपये महीना पेंशन दी जाएगी। अगर लाभार्थी की मौत हो जाती है, तो नाॅमिनी को 50 फीसदी पेंशन दी जाएगी।
प्रधानमंत्री श्रमिक योगी मानधन योजना में सर्वाधिक लोगों को जोड़ने के लिए विभाग को प्रदेश में पहला स्थान मिला है। इसके लिए पूरे स्टाफ ने काफी मेहनत की है। कार्यालय कर्मचारी जतिन और अंकुर का भी प्रयास रहा है।
-संतोष त्रिपाठी, श्रम प्रवर्तन अधिकारी