लखीमपुर खीरी। सीडीओ अरविंद सिंह ने गांवों में वर्षों से चले आ रहे जमीनी विवादों का निपटारा कराने के साथ ही गांवों के लोगों को रोजगार दिलाने के लिए खीरी चतुर्भुजीय विकास मॉडल तैयार किया है। इसकी पहली बैठक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चुनी गई नकहा ब्लॉक की ग्राम पंचायत परसा में बुधवार को हुई। इस ग्राम पंचायत के दो राजस्व गांवों परसा और पटेहरा में 50 चकरोड बनाए जाएंगे, जिसकी लंबाई करीब 50 किमी है। जिनके निर्माण का शुभारंभ पांच मार्च 2020 को होगा। साथ ही मनरेगा से 40 से 50 लाख रुपये की सामग्री से स्थाई परिसंपत्तियों का सृजन किया जाएगा।
खीरी चतुर्भुजीय विकास मॉडल के चार स्तंभों में पहले मनरेगा से गांवों में चकमार्गों का विकास करने का खाका तैयार किया जाएगा। दूसरे स्तंभ के तहत राजस्व एवं चकबंदी विभाग के पुराने विवाद और अतिक्रमण को चिह्नित किया जाएगा। तीसरे स्तंभ के तहत सृजित विवादों की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद चौथे स्तंभ के तहत मनरेगा जॉब कार्डधारकों को चकमार्गों के निर्माण में रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। सीडीओ अरविंद सिंह ने बताया कि संपूर्ण समाधान दिवसों में राजस्व से जुड़े विवाद खासकर चकमार्गों पर कब्जे के आते हैं। इसलिए इन समस्याओं का जड़ से निदान करने के लिए चतुर्भजीय विकास मॉडल बनाया गया है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था में होगा सुधार
मनरेगा से मजदूरों को नियमित रोजगार उपलब्ध कराने में यह मॉडल नई पहल बनेगा। वर्ष 2015-16 एवं इसके बाद धारा 52 के तहत पूर्ण हुए चकबंदी ग्रामों में अभिलेखों में सृजित नवीन चकमार्गों और सेक्टर मार्गों का चिह्निकरण किया जाएगा, जिसके लिए एसडीएम, बीडीओ, तहसीलदार, चकबंदी अधिकारी की टीम बनाई गई है। अब तक मनरेगा से मजदूरों को मात्र कुछ दिनों का काम मिलता था, लेकिन चकमार्गों के निर्माण से मजदूरों को नियमित काम मिलेगा। क्योंकि दो माह के दौरान एक हजार चकमार्गों का चयन किया गया है, जिसकी लंबाई करीब 300 किमी है। अभी कुछ और चकमार्गों को चिह्नित करने का काम जारी है। साथ ही चकमार्गों के निर्माण में लगे मजदूरों को एक लाख रुपये भुगतान होगा। वहीं सिटीजन इंफार्मेशन बोर्ड बनाने का काम स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दिया जाएगा, जिससे समूहों के खाते में दो से ढाई लाख रुपये भुगतान किया जाएगा।
सीडीओ की पहल पर ग्रामीणों ने जताई खुशी
गांवों में चकमार्गों पर कब्जा होने से कई किसान अपने खेतों तक बैलगाड़ी और ट्रैक्टर-ट्राली नहीं ले पाते हैं, जिससे उनकी खेती प्रभावित होती है। सीडीओ ने बुधवार को नकहा ब्लॉक के गांव परसा में ग्रामीणों के साथ बैठक करके चतुर्भुजीय विकास मॉडल के बारे में जानकारी दी, जिसे सुनकर ग्रामीणों ने खुशी जताई है। इस दौरान उपायुक्त मनरेगा राजनाथ प्रसाद भगत, तहसीलदार उमाशंकर त्रिपाठी, बीडीओ संतोष कुमार मौजूद रहे।
चतुर्भज विकास मॉडल से चकमार्गों का स्वरूप धरातल पर दिखेगा। गांवों में विवाद और रंजिश के मामलों में कमी आएगी। गांवों के मजदूरों को प्रतिदिन एक लाख रुपये तक की आमदनी होगी, जिससे गांवों की अर्थव्यवस्था में वृद्धि होगी। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पांच मार्च को परसा गांव में चकमार्ग निर्माण का कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।
-अरविंद सिंह, सीडीओ