लखीमपुर खीरी। साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक नाट्य संस्था अनुरंजनी की ओर से मंगलवार रात सब्जी मंडी स्थित कार्यालय पर काव्य संध्या हुई। इस दौरान संचालन महेश चंद्र जायसवाल और अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता प्रीतम सिंह बग्गा ने की।
काव्य संध्या की शुरुआत मुख्य अतिथि एवं युवा साहित्यकार सुरेश सौरभ ने मां सरस्वती का पूजन कर किया। इसके बाद कवि शाश्वत अभिषेक ने मां सरस्वती की वंदना की। गीतकार विजय शुक्ल बादल ने पढ़ा कि अंधी दौड़ में दौड़ रहे हैं, सबके सब दीवाने रे। हास्य कवि कमल पांडे ने पढ़ा कि आज का न्यायालय समय से न्याय नहीं दे पाता है, इसलिए अपराधियों का हौसला बढ़ता जाता है। गीतकार अजय शर्मा ने माता पिता की महिमा का बखान करते हुए कहा कि दुनिया के सब रंग ढंग देखे, देखी सबकी जात, मगर न देखी मात पिता सी बात किया। अंत में प्रीतम सिंह बग्गा ने देश की वर्तमान स्थिति पर पढ़ा कि आज मेरे देश को क्या हो गया है, आज लगता देश में कुछ हो गया है। मुख्य अतिथि ने कहा कि पैंतालिस साल पुरानी अनुरंजनी संस्था साहित्य के क्षेत्र में निरंतर अविस्मरणीय कार्य कर साहित्य को बढ़ावा दे रही है। मीना जायसवाल, सुनील गुप्ता, महजबीं, मीरा गुप्ता, चंद्रशेखर मिश्र, संजीव त्रिवेदी, अमित रस्तोगी आदि मौजूद रहे।