लखीमपुर खीरी। सावन में हजारों कांवड़ियों के गुजरने वाले प्रमुख मार्गों पर तैयारियां चल रही हैं, लेकिन दुकानदारों की पहचान अभी बाकी है। सोमवार को अलग-अलग कांवड़ मार्गों की पड़ताल में कई होटल, खानपान की दुकानें और ठेले बिना नाम-पते और मूल्य सूची के संचालित मिले।
शासन के निर्देश हैं कि कांवड़ यात्रा मार्ग की दुकानों पर दुकानदार का नाम, पता, रेट लिस्ट और खाद्य सुरक्षा से संबंधित सभी मानक प्रदर्शित होने चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को पारदर्शी और सुरक्षित सेवाएं मिल सकें। हर वर्ष सावन में इन मार्गों से हजारों कांवड़िये गुजरते हैं, लेकिन मौके पर पहचान संबंधी नियमों का पालन होता नहीं दिखा। निघासन रोड और सीतापुर रोड पर चाट, पकौड़ी, चोखा-बाटी, चाय और अन्य खाद्य पदार्थों की अनेक दुकानों पर नाम-पता प्रदर्शित नहीं मिला। पड़ताल के दौरान जिम्मेदार कहीं नजर नहीं आए।
दो दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के जरिये बिजली, पानी, साफ-सफाई और दुकानदारों के नाम सहित कई निर्देशों का सख्ती से पालन कराने के लिए कहा था, लेकिन कई स्थानों पर अभी इनका पालन होता नजर नहीं आया।
बालाजी हनुमान मंदिर के पास 30-40 दुकानें, नाम-रेट लिस्ट नहीं
बहराइच हाईवे पर बालाजी हनुमान मंदिर के सामने और आसपास प्रसाद, फास्टफूड, टिक्की-चाट, फल आदि की 30 से 40 दुकानें संचालित हैं, लेकिन किसी दुकान पर संचालक का नाम और रेट लिस्ट नजर नहीं आई। मंदिर होने के कारण यहां काफी कांवड़िये रुकते हैं।
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एलआरपी से छाउछ तक भी यही हाल
छोटी काशी गोला जाने के लिए सबसे ज्यादा कांवड़िये एलआरपी चौराहे से होकर गुजरते हैं। एलआरपी चौराहे से गोला रोड स्थित छाउछ चौराहे तक करीब एक किलोमीटर के दायरे में खाद्य पदार्थों की 50 से 60 दुकानें हैं। इनमें चाट, पकौड़ी, चोखा-बाटी आदि की दुकानें भी हैं, लेकिन कहीं नाम और रेट लिस्ट लगी नहीं मिली।
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एलआरपी से रेलवे स्टेशन तक नियमों की अनदेखी
शहर के मुख्य मार्गों में शामिल एलआरपी चौराहे से रेलवे स्टेशन तक करीब दो किलोमीटर के दायरे में 200 से 250 दुकानें हैं। इस मार्ग पर कई होटल और विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों की दुकानें भी हैं, लेकिन किसी दुकान पर नाम और रेट लिस्ट नहीं मिली।
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धौरहरा में भी बेनाम होटल-ढाबे
धौरहरा। पीबी सहित प्रमुख मार्गों पर बड़ी संख्या में होटल, ढाबे, फल और खाद्य सामग्री के ठेले हैं, लेकिन अधिकांश दुकानों और ठेलों पर संचालकों के नाम-पते के स्टिकर नहीं लगे हैं। इससे यात्रियों में दुकानदार की पहचान और खाद्य सामग्री की विश्वसनीयता को लेकर असमंजस है। 730 बहराइच-लखीमपुर मार्ग, सिसैया-ईसानगर, हसनपुर-कटौली एवं सिसैया-कफारा-ढखेरवा मार्ग पर भी कई स्थानों पर नियमों का पालन नहीं हो रहा है।
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कांवड़ वाले मार्गों पर खाद्य पदार्थ की दुकानों पर दुकानदार का नाम, लाइसेंस व रेट लिस्ट लगवाने का अभियान चल रहा है। गोला में काम लगभग पूरा हो चुका है। शेष जगह भी काम तेजी से कराया जा रहा। दुकानदार सहयोग भी कर रहे हैं। चेतावनी भी दी है कि बिना नाम, नंबर व रेट लिस्ट वाली दुकानें संचालित नहीं होने दी जाएंगी। सभी से अपील है कि जिन्होंने अभी तक नाम व रेट लिस्ट नहीं लगाई, वह जल्द लगा लें।
-बृजेंद्र शर्मा, सहायक आयुक्त खाद्य
राजापुर बालाजी मंदिर के सामने बिना नाम का होटल। संवाद
राजापुर बालाजी मंदिर के सामने बिना नाम का होटल। संवाद
राजापुर बालाजी मंदिर के सामने बिना नाम का होटल। संवाद