जनपद में अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से हुई क्षति के मामले में सभी तहसीलों से सर्वे रिपोर्ट प्राप्त हो गई है, जिसके मुताबिक निघासन क्षेत्र के गांव बेलापरसुआ में फसलों को 50 फीसदी से अधिक नुकसान पहुंचा हैै। लिहाजा इस गांव के 57 किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। जबकि जनपद में गेहूं की 14.29, सरसों और मसूर की 15-15, चने की 13.43, मटर क ी 13.37, आलू की 9.29 फीसदी सहित अन्य फसलों को 6.43 फीसदी नुकसान होने का रिपोर्ट में आंकलन किया गया है।
दो बार हुई असमय हुई बारिश और ओलावृष्टि से रबी फसलों को काफी क्षति हुई है। पीड़ित किसानों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा की तो यहां भी तहसीलों से सर्वे कराया गया। दूसरी बार तहसीलों की रिपोर्ट में खास परिवर्र्तन नहीं दिखा है। बस निघासन क्षेत्र के बेलापरसुआ गांव में 50 फीसदी से अधिक फसलों को क्षति की रिपोर्ट दी गई है, जिसमें तीन हेक्टेयर लाही और 15 हेक्टेयर मसूर की फसलों को नुकसान दर्शाया गया है। चिह्नित 57 लाभार्थी किसानों को राहत के तौर पर 94,489 रुपये वितरित किए जाएंगे।
एडीएम हरिकेश चौरसिया ने बताया कि डीएम के निर्देश पर कृषि विभाग से क्रास चेकिंग कराई गई है। बेलापरसुआ को छोड़कर अन्य स्थानों पर फसलों की क्षति 50 फीसदी से कम हुई है।
जिला कृषि अधिकारी अमर सिंह ने बताया कि रबी फसलों को 15 से 25 फीसदी तक नुकसान हुआ है। नवंबर तक बोए गए गेहूं की फसलों में बालियों का वजन बढ़ चुका था, जिससे तेज बारिश और हवा फसलें गिर गईं। इससे इनमें अधिक नुकसान हुआ है। वहीं दलहनी फसलों की जड़े सड़ने के कारण पौधे सूख जाते हैं।