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बांकेगंज में बछड़े और ममरी में बैल को मारकर खा गया बाघ

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बांकेगंज/ममरी। बांकेगंज क्षेत्र के टीकापुर गांव में आबादी से सटे गन्ने के खेत में पहुंचे बाघ ने रविवार दोपहर करीब दो बजे छुट्टा बछड़े पर हमला कर शिकार किया। किसानों के शोर मचाने पर बाघ गन्ने के खेत में ही छिप गया। उधर, रविवार सुबह मोहम्मदी रेंज के महेशपुर जंगल से दो किमी दूर कन्हैयागंज गांव के समीप गन्ने के खेत में बाघ ने छुट्टा बैल पर हमला कर उसे निवाला बना लिया। दोनों घटनाओं की पुष्टि वनकर्मियों ने भी की है।
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दक्षिण खीरी वन प्रभाग की गोला पूर्वी रेंज और बांकेगंज कस्बा के टीकापुर गांव आबादी से सटे रामऔतार के गन्ने के खेत में एक छुट्टा बछड़ा चर रहा था। इस दौरान वहां बैठे बाघ ने छुट्टा बछड़े पर हमला कर उसे मार डाला। बछड़े के रंभाने की आवाज सुनकर पड़ोस के खेत में गन्ना छुलाई कर रहे किसान राजेश कुमार, जितेंद्र, दीनबंधु आदि के शोर मचाने पर बाघ गन्ने के उसी खेत में कहीं छिप गया। बाद में और लोगों के आने पर खेत में जाकर देखा तो बछड़े का अधखाया शव पड़ा मिला। आबादी के पास बाघ हमले से ग्रामीणों में दहशत है। उनका कहना है कि इस इलाके में आबादी के पास पहली बार बाघ पहुंचा है। लोगों की सूचना पर घटनास्थल पर पहुंचे फॉरेस्टर अशोक शुक्ला ने बछड़े के अधखाये शव को देखकर बाघ हमले की पुष्टि की है। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्कता बरतने के साथ ही गन्ने के खेत की आरे न जाने की सलाह दी है।
उधर, ममरी इलाके महेशपुर गांव के पूर्व में कन्हैयागंज गांव के पास रविवार सुबह गौरीगंज निवासी रामदास के खेत में चर रहे छुट्टा बैल पर हमला कर अपना निवाला बना लिया। गन्ने के खेत में बैल के शव को खाते देख खेतों में मौजूद किसानों में भगदड़ मच गई। शोर मचाने और आग जलाने पर बाघ गन्ने में घुस गया। सूचना पर पहुंचे फॉरेस्टर रामनरेश वर्मा, अनीस अहमद, राधेश्याम, एसटीपीएफ जवानों ने बाघ के हमले, पगचिन्ह, अधखाया शव मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि अभी तक बाघ का मूवमेंट गोला मोहम्मदी रोड के पश्चिम में मिल रहा था, जो कांबिंग करने के बाद वहां से हटकर सड़क के पूर्व दिशा के गन्ने के खेतों में पहुंच गया है। बाघ की निगरानी हो रही है यहां से जंगल की दूरी दो किलोमीटर बताई जा रही है। रेंजर मोबीन आरिफ ने किसानों से सतर्क रहने, समूह में सावधानी से गन्ने की छिलाई करने, बच्चों को अकेले स्कूल न भेजने की सलाह दी है।
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टीकापुर में आबादी से सटे गन्ने खेत में छुट्टा बछड़े पर बाघ के हमले की सूचना मिली है। घटनास्थल पर पहुंची वन कर्मियों की टीम को गन्ने के खेत के अंदर बछड़े का अधखाया शव बरामद हुआ है। बाघ की निगरानी कराई जा रही है। -बनारसी दास, रेंजर, गोला
भयभीत किसानों की खेतीबाड़ी चौपट, स्कूल नहीं जा पा रहे बच्चे
ममरी। क्षेत्र में लगातार बाघ के हमलों से दहशत का माहौल है। किसानों की खेतीबाड़ी तो चौपट हो ही रही है वहीं डर की वजह से लोग बच्चों को स्कूल भेजने में भी कतराने लगे हैं। क्षेत्र के महेशपुर, रामदीनपुर, मोतीपुर, तिलोकपुर गांव के पास 12 दिनों से गन्ने के खेतों में विचरण कर रहे। इस दौरान बाघ के हमले की यह सातवीं घटना है। इससे पूर्व बाघ ने लछिमनपुर गांव के पास दो बैलों, रामदीनपुर के पास एक बछड़े, एक बकरे को निवाला बनाकर मोतीपुर में एक बकरी और तिलोकपुर में 35 वर्षीय जयचंद उर्फ नन्हे पर हमला कर घायल कर दिया था। इससे वहां दहशत का माहौल है। संवाद
मझगईं। भगवंतनगर गांव में एक ग्रामीण के घर शुक्रवार की रात एक तेंदुआ घुस गया और उसने घर के अंदर बंधी बछिया पर हमला बोल दिया और उसको बैठकर खाने लगा। शोर मचाने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर आ गए, उन्हें देखकर जिसके बाद अधखाए शव को छोड़कर तेंदुआ भाग गया। शनिवार की रात करीब नौ बजे फिर से तेंदुआ ने फिर ग्रामीण के घर दस्तक दी तो उसे डंडे लेकर खदेड़ा।
इलाके के भगवंतनगर निवासी बलराम के घर शुक्रवार की रात लगभग नौ बजे एक तेंदुआ घुस गया। जिससे हड़कंप मच गया। जब तक परिजन कुछ कर पाते तब तक तेंदुए ने अंदर बंधी बछिया पर हमला बोलकर मार डाला और बैठकर उसे खाने लगा। इससे परिजनों में अफरातफरी मच गई और उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए, तब कहीं जाकर तेंदुआ घर से भागा। शनिवार को बलराम ने अधखाए शव को दफन कर दिया।
शनिवार की रात दोबारा से तेंदुआ बलराम के घर नौ बजे ही पहुंच गया। एक बार फिर तेंदुए को देखकर बलराम सहित परिजनों में हड़कंप मच गया। इस बार परिजनों ने साहस दिखाते हुए लाठी-डंडों से तेंदुए को घर से बाहर खदेड़ा। बलराम ने बताया कि शनिवार को लगभग 15 मिनट तेंदुआ घर में रहा। उधर तेंदुआ घर में घुसने की खबर आग की तरह गांव में फैल गई जिससे ग्रामीणों में दहशत फैली हुई है। सूचना पर गुलरा चौकी में तैनात दरोगा चंद्रप्रकाश ने भी मौका मुआयना करते हुए तेंदुए के आने की पुष्टि की है। दरोगा ने बताया कि बछिए के शव को पूरी तरह से तेंदुआ खा नहीं पाया था इसीलिए दोबारा आया था। वन विभाग की टीम ने मौका मुआयना किया है और परिजनों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
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