बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के मैलानी रेंज की महुरेना बीट स्थिति नगरिया झील प्रवासी पक्षियों के स्वागत के लिए तैयार है। वन विभाग ने प्रवासी परिंदों की सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। झील की जलकुंभी आदि निकालकर उसका सौंदर्यीकरण कर दिया गया है। नवंबर माह शुरू हाते ही यहां प्रवासी परिंदों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। वन विभाग ने इनकी सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त किए हैं।
नगरिया झील उत्तर प्रदेश के 13 संरक्षित वेटलैंड में से एक है। इसे पक्षी विहार का दर्जा तो नहीं मिला है, लेकिन यहां हजारों की संख्या में प्रवासी परिंदें ठंडे देशों से हजारों किलोमीटर की लंबी उड़ान भरकर यहां पहुंचते हैं और सर्दियों के चार महीने यहां प्रवास करने के बाद अपने वतन लौट जाते हैं।
बांकेगंज से सटी झील परिंदों के लिए अनुकूल प्राकृतवास
पक्षियों के लिए सबसे अनुकूल प्राकृतवास वह माना जाता है जिसे वेटलैंड में पानी होने के साथ-साथ किनारे झाड़ियां और और ऊंचे पेड़ भी हों। नगरिया झील के चारों और झाड़ियां भी हैं और बड़े पेड़ भी। प्रवासी परिंदों के भोजन और प्रजनन के लिए यहां अनुकूल वातावरण है।
48 लाख की लागत से नगरिया झील का हो रहा सौंदर्यीकरण
पिछले साल शासन ने नगरिया झील के सौंदर्यीकरण के लिए 48 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की थी। इसके तहत नगरिया झील का रसायनिक प्रक्रिया से पानी शुद्ध किया गया है। दो आईलैंड और पांच चेकडैम बनाए गए हैं। अभी यहां पर्यटकों के लिए एक हट और शौचालय का निर्माण किया जाना है। सौंदर्यीकरण के तहत ही नगरिया झील के चारों तरफ पांच हजार पौध रोपित किए गए हैं।
इस बार दुधवा टूरिस्ट सर्किट में शामिल हो सकती है नगरिया झील
नगरिया झील को इस पर्यटन सत्र में दुधवा टूरिस्ट सर्किट में शामिल किया जा सकता है। दुधवा आने वाले सैलानी दुधवा और किशनपुर सेंक्चुरी में दुर्लभ वन्यजीवों का दीदार करने के बाद नगरिया झील में खूबसूरत रंग-बिरंगे परिंदों के कलरव का आनंद उठा सकेंगे।
किशनपुर सेंक्चुरी से मड़हा, भीरा होकर नगरिया पहुंचेंगे सैलानी
दुधवा टूरिस्ट सर्किट के तहत किशनपुर सेंक्चुरी से मड़हा, भीरा होते हुए नगरिया तक का रास्ता तैयार करने की योजना है। दुधवा नेशनल पार्क, किशनपुर सेंक्चुरी भ्रमण के बाद सैलानी मैलानी और भीरा के घने जंगलों से गुजरते हुए वहां के वन्यजीवों और कुदरती नजारों का लुत्फ उठाते हुए मड़हा पहुंचेंगे। यदि सैलानी वापस दुधवा न जाना चाहें तो बांकेगंज-गोला होते हुए वापस जिला मुख्यालय लौट सकेंगे।
बफरजोन मैलानी रेंज की नगरिया झील को दुधवा टूरिस्ट सर्किट से जोड़ने की योजना चल रही है। जल्द ही इसे दुधवा टूरिस्ट सर्किट में शामिल किया जाएगा। नगरिया झील में प्रवासी परिंदों का आना शुरू हो गया है। इनकी सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पक्षियों का शिकार आदि रोकने के लिए वन कर्मियों की टीमें गठित कर दी गईं हैं, जो बारी-बारी से झील की निगरानी करेंगी। - डॉ. अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व, बफरजोन।