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नेपाली जंगली हाथियों ने रात भर मड़हा में मचाया उत्पात, ट्रैकर्स भी हुए फेल

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बांकेगंज। नेपाल के शुक्ला फाटा नेशनल पार्क से आए 30 हाथियों के झुंड का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है, ट्रैकर्स भी उनके सामने फेल नजर आ रहे हैं। एक बार फिर इकट्ठा होकर गुरुवार रात हाथियों ने किशनपुर सेंक्चुरी की मैलानी रेंज (वन्यजीव विहार) के मड़हा गेस्ट हाउस पहुंचकर खूब उत्पात मचाया। नजदीक ही एक प्राचीन मंदिर के साधू की कुटिया को तहस-नहस कर दिया। निगरानी कर रही वन कर्मियों की टीम को दौड़ाया तो गेस्ट हाउस की छत पर चढ़कर कर्मियों ने फायरिंग करके अपनी जान बचाई। इसी बीच कुटिया में धुनी से आग लगी तो हाथी भाग खड़े हुए। बाद में हाथियों ने मड़हा वन ब्लॉक के कंपार्टमेंट पांच में डेरा डाल दिया, वहां वे तालाब में पानी पीते नजर आए।
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एक सप्ताह पहले नेपाल से आए 30 जंगली हाथियों का झुंड बुधवार को फिर दो हिस्सों में बंट गया था और इस झुंड के छह हाथी डीटीआर बफरजोन के भीरा रेंज की चक बीट में पहुंच गया था। पूरे दिन वहां के जंगल में भ्रमण करने के बाद ये हाथी बृहस्पतिवार की रात जटपुरा बीट जंगल में डेरा जमाए बैठे अपने साथियों से फिर मिल गए। इन सभी हाथियों ने एक साथ मिलकर रात करीब तीन बजे अपना रुख किशनपुर सेंक्चुरी की मैलानी रेंज (वन्यजीव विहार) की ओर करते हुए मड़हा में धावा बोला। वहां गेस्ट हाउस और प्राचीन मड़हा बाबा मंदिर के निकट पड़ी एक साधू की कुटिया को तहस-नहस कर दिया। निगरानी कर रही वन कर्मियों की टीम ने जब शोर मचाकर उन्हें खदेड़ने की कोशिश की तो उत्पाती हाथियों ने उन्हें दौड़ा लिया। वन कर्मी किसी तरह भागकर गेस्ट हाउस की छत पर चढ़ गए और हवाई फायरिंग की। लेकिन गेस्ट हाउस की घेराबंदी किए खड़ा हाथियों का झुंड चिंघाड़ता रहा और वहां से टस से मस नहीं हुआ। इस बीच संयोग से साधू की कुटी में हर समय सुलगने वाली धुनी की आग से गिराए गए छप्पर में आग लग गई। इससे घबराए हाथी वहां से भाग खड़े हुए। फिलहाल हाथियों के इस झुंड ने मड़हा बन ब्लॉक के कंपार्टमेंट पांच में डेरा डाल दिया है। शुक्रवार दोपहर तक वहीं उनके चिंघाडने की आवाजें सुनाई दे रही थीं। वन विभाग का स्टाफ हाथियों की निगरानी में लगा हुआ है, ताकि वे जंगल के अंदर ही रहें।
इस बीच हाथियों का उत्पात देखकर वन कर्मियों ने वायरलेस से उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही दुधवा नेशनल पार्क के प्रभारी उपनिदेश्क डॉ. अनिल कुमार पटेल ने पश्चिम बंगाल से आए एलीफेंट मैनेजमेंट टीम के एक्सपर्ट ट्रैकर्स और वन कर्मियों को हाथियों के मूवमेंट, लोकेशन और निगरानी के निर्देश देते हुए उन्हें मड़हा जंगल रवाना किया।
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ट्रैकर्स और अफसरों को लगातार चकमा दे रहे नेपाल के उत्पाती जंगली हाथी
नेपाल के जंगली हाथी इतने चालाक हैं कि स्थानीय वन कर्मियों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल से आए ट्रैकर्स को भी खूब छका रहे हैं। वे लगातार अपने ठिकाने बदल रहे हैं। इनकी लोकेशन तो मिल रही है, लेकिन उन्हें ट्रैक पर लाने का प्रयास सफल नहीं हो पा रहे हैँ।
दो झुंडों में बंटे हाथी फिर इकट्ठे हो गए हैं। बीती रात 30 हाथियों का यह झुंड किशनपुर सेंक्चुरी की मैलानी रेंज (वन्यजीव जीव) के मड़हा वन ब्लॉक पहुंच गया। हाथियों ने मंदिर के पास पड़ी साधू की कुटिया को नष्ट कर दिया। इसके बाद मड़हा बीट के कंपार्टमेंट पांच के जंगल में डेरा डाल दिया है। हाथियों की लगातार निगरानी और उन्हें ट्रैक पर लाने की कोशिश की जा रही है। -डॉ. अनिल कुमार पटेल, डीडी, डीटीआर,बफरजोन।
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