बांकेगंज। देश की धरोहर समझे जाने वाले दुधवा नेशनल पार्क के हाथियों पर बिजली कहर बनकर टूट रही है। घूमने के लिए पार्क के जंगल से निकलने वाले हाथी आसपास गांवों में गन्ने के खेतों की सुरक्षा में लगे बिजली करंट प्रवाहित ब्लेड वाले तारों से चिपककर मर रहे हैं। आठ साल में करंट से चिपककर छह जंगली हाथियों की मौत हो चुकी है।
दुधवा बफरजोन के खैरटिया गांव के पास खेत में लगे ब्लेड वाले तार के करंट से एक जंगली हाथी की मौत होने से टाइगर रिजर्व प्रशासन में हड़कंप है। गन्ने के शौकीन हाथियों का जंगल से निकलकर खेतों में पहुंचने और हादसों का शिकार होने पर प्रशासन कुछ नहीं कर पा रहा। जंगल से सटे गांवों को बिजली की लाइन खेतों से होकर ही गई हैं। अक्सर ये तार टूटते हैं तो हाथी व दूसरे जानवर इनकी चपेट में आकर करंट लगने से मर जाते हैं। वहीं किसानों ने खेतों में धान और गन्ने की फसलों को बचाने के लिए चारों ओर करंट प्रवाहित करने के लिए ब्लेड वाले तार लगा रखे हैं। तारों की ये बाड़ जंगली हाथियों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। गन्ना खाने के शौकीन हाथी जब जंगल से निकलकर खेतों में जाने की कोशिश करते हैं तो तारों की बाड़ में उलझकर करंट लगते ही मर जाते हैं। इनमें से कुछ की मौत जमीन पर गिरने के बाद दांत मुंह के अंदर घुसने से भी हुई।
शनिवार को खैरटिया गांव के पास एक हाथी फिर इन तारों का शिकार हो गया। माना जा रहा है कि खेत के किनारे ही ब्लेड वाले तारों से करंट लगा तो वह भागा और फिर ट्रेन से टकराकर घायल हो गया। दुधवा प्रशासन ने तार की इन बाड़ से होने वाली हाथियों की मौत रोकने के लिए अब तक ठोस कदम नहीं उठाए हैं। अफसर भी हाथियों की असमय होने वाली मौत पर गोलमोल जवाब देकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।
करंट लगने से जंगली हाथियों की मौत के मामले ...
- वर्ष 2011- दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मझगई रेंज में गन्ने के खेत में लगे ब्लेड के तारों में प्रवाहित करंट से तीन हाथियों की मौत।
- 2018- 18 जुलाई को उत्तर निघासन रेंज के रघुनगर वन ब्लॉक में एचटी लाइन के करंट से एक जंगली हाथी की मौत।
- 2019- 28 जुलाई को दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की पलिया रेंज में निषादनगर घोला गांव के निकट गन्ने खेत में लगे ट्रांसफार्मर के करंट से एक जंगली हाथी की मौत।
2019- 28 सितंबर को दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उत्तर निघासन रेंज में खैरटिया गांव के पास धान खेत किनारे लगे ब्लेड के तारों में प्रवाहित करंट से मौत।
जंगल के आसपास बिछे बिजली के तार और खुले ट्रांसफार्मर जंगली हाथी और अन्य वन्यजीवों के लिए नुकसानदायक हैं। पहले भी पॉवर कारपोरेशन को लिखा जा चुका है। पॉवर कॉरपोरेशन इंजीनियरों की लापरवाही से ऐसे हादसे हो रहे हैं। -डॉ. अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व, बफरजोन।