बांकेगंज। आमान परिवर्तन का कार्य करा रही संस्था भले ही लखीमपुर और मैलानी के बीच काम पूरा होने का दावा कर रही हो, लेकिन रेलवे अधिकारियों की नजरों में अभी तक काम अधूरा है। इसी वजह से अभी तक सीआरएस ट्रायल की तारीख भी निर्धारित नहीं हो सकी है। ऐसे में सितंबर माह के अंत में ट्रेन से यात्रा करने का ख्वाब दीपावली से पहले पूरा होने वाला नहीं है।
ऐशबाग-पीलीभीत के बीच दो रेल प्रखंड़ों के आमान परिवर्तन का काम पूरा हो चुका है। पहली चरण में ऐशबाग से सीतापुर और उसके बाद सीतापुर से लखीमपुर तक ट्रेनें भी चलने लगीं। जबकि लखीमपुर और मैलानी के बीच अभी काम होना बाकी है। कार्यदायी संस्था काम पूरा होने का दावा कर रही है, लेकिन रेलवे अधिकारियों की मानें तो यात्री सुविधाओं में कमियां हैं। हालांकि कुछ दिन पहले 12-13 सितंबर को सीआरएस ट्रायल होने की चर्चा आम हुई थी, लेकिन इन तारीखों में ट्रायल नहीं हो सका। कार्यदायी संस्था (आरवीएनएल) ने सीआरएस को ट्रायल के लिए पत्र लिखा है। जिस पर कमिश्नर रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) ने कई बिंदुओं पर आख्या मांगी हैं। माना जा रहा है कि आख्या रिपोर्ट से आश्वस्त होने के बाद ही सीआरएस की ओर से ट्रायल की तिथि निर्धारित होगी। बता दें कि सीआरएस ट्रायल के बाद भी व्यवस्थाएं पूरी करने में भी 10 से 15 दिन का समय लगता है। इस तरह से ट्रेन संचालन में एक माह का समय लगना लाजिमी है। इसलिए दीपावली तक ही लखीमपुर मैलानी के बीच ट्रेनों का संचालन शुरू हो सकेगा।
लखीमपुर-मैलानी रेलखंड पर लगभग काम पूरा हो गया है। सीआरएस ने ट्रायल की तिथि तय नहीं की है। वहीं कार्यदायी संस्था को स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का काम पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। काम पूरा होते की सीआरएस ट्रायल की तिथि तय होगी। -विजयलक्ष्मी कौशिक, डीआरएम, लखनऊ