अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (एपवा) की राज्य कमेटी सदस्य माला सिंह के नेतृत्व में महिलाओं ने निर्भया कांड पर बनी डाक्यूमेंट्री फिल्म को महिला विरोधी बताते हुए जोरदार प्रदर्शन कर जुलूस निकाला। उसके बाद मौजी नसीरुद्दीन भवन प्रांगण में सभा कर भाजपा की केंद्र सरकार को जमकर कोसा। साथ ही ब्रिटेन और अमेरिका में डाक्यूमेंट्री फिल्म के प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की।
शहर के मोहल्ला हाथीपुर स्थित एपवा कार्यालय से जुलूस निकाला गया। जुलूस मेन रोड होते हुए मौजी नसीरुद्दीन भवन पहुंचा। जुलूस में महिलाओं के साथ धोखाधड़ी बंद करो, 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रबंध करो, इंकलाब जिन्दाबाद, महिला दिवस जिंदाबाद, महिला एकता जिंदाबाद और महिला की सुरक्षा और सम्मान के लिए संघर्ष तेज करो के नारे लगाए जा रहे थे। नसीरुद्दीन भवन प्रांगण में पहुंचे जुलूस ने एक सभा का रूप ले लिया। सभा में कृष्णा अधिकारी ने कहा कि इस संबंध में संसद में गृहमंत्री का बयान जनता के साथ धोखा है। एपवा की राज्य कमेटी सदस्य माला सिंह ने कहा कि महिला आरक्षण का समर्थन करने वाली भाजपा केंद्र में सत्ता में आते ही अपने वायदे से मुकर गई है। यह सरकार का महिलाओं के साथ खुला विश्वासघात है।
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सभा में यह भी की गईं मांगें
महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिले, खाद्यान्न सुरक्षा के तहत गरीबों को 50 किलोग्राम मासिक खाद्यान्न दिया जाए और भूमि अधिग्रहण अध्यादेश वापस हो।
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इनकी रही मौजूदगी
प्रदर्शन और सभा में सरिता देवी, फूलमती, शीला, राजश्री, सुरजावती, सुषमा, चिंता देवी, सुमीता, मीना, सदाप्यारी, सदावती, रायबेटी, शकुंतला, महेशी, श्यामदुलारी सहित तमाम महिलाएं मौजूद रहीं।