भरे ताल तलैया, शहर में भी कई जगह हुआ जलभराव
उमस भरी गर्मी से मिली राहत, तापमान में गिरावट
शहर समेत जिले भर में हुई झमाझम बारिश से मौसम में तरावट आ गई है। पिछले एक सप्ताह से पड़ रही उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। जोरदार बारिश होने से खेत और ताल तलैया लबालब भर गए हैं। खेतों और जंगलों में हरियाली लौट आई है। शुक्रवार को हुई वर्षा ने लोगों के तन मन को भिगो दिया। लोगों ने घरों से निकलकर भीगने का आनंद लिया। तेज बारिश से शहर में कई जगह जलभराव हो गया।
दिन भर उमस भरी गर्मी के गुरुवार शाम को आसमान में बादल छा गए। रात भर बादल छाए रहने के बाद सुबह से रिमझिम बारिश शुरू हो गई। सुबह नौ बजे करीब आधे घंटे तक मूसलाधार बारिश होने से तापमान में गिरावट आ गई। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि बारिश के बावजूद उमस बनी रही। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
बारिश पूरे जिले में हुई है। निघासन, बेलरायां, तिकुनियां, धौरहरा, गोला, बिजुआ, पलिया, बांकेगंज, पसगवां, मोहम्मदी में अच्छी बारिश होने की सूचना मिली है। बारिश से गांव के गलियारों में ही नहीं शहर के निचले हिस्सों में भी पानी भर गया है। एक तरफ जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है वहीं जलभराव से लोगों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं।
शहर के जिला अस्पताल, कलक्ट्रेट परिसर, जिला पंचायत परिसर, सदर स्कूल, बस स्टेशन के निकट सड़क किनारे नईबस्ती, गंगोत्री नगर कालोनी समेत कई जगहों पर पानी भर जाने से लोगों को परेशानी हुई है।
बांकेगंज। प्राथमिक स्कूल प्रथम, द्वितीय, आंगनबाड़ी केंद्र और बीआरसी मुख्यालय प्रांगण में जल निकास समस्या के चलते हल्की बारिश में जलभराव हो जाता है। शुक्रवार सुबह हुई बारिश से स्कूल प्रांगण में घुटनों तक जलभराव हो गया। इसके चलते गर्मियों की एक माह की छुट्टियों के बाद शनिवार स्कूल खुलने पर नौनिहालों, बच्चों और शिक्षक शिक्षिकाओं सहित बीईओ को भी कक्षा और कार्यालय पहुंचने के लिए घुटनों तक भरे जलभराव में होकर जाना पड़ा।
वर्षा से हुआ जलभराव, दीवार ढही
गोला गोकर्णनाथ। वर्षा से नगर में कई जगहों पर जलभराव हो गया और एक मकान की दीवार ढह गई।
वर्षा से नगर में मिल डायवर्जन रोड, सिनेमा रोड, नानक चौकी, मोहम्मदी रोड सहित निचले स्थानों पर जलभराव हो गया। बाईपास रोड अजुर्ननगर कॉलोनी में तालाब के किनारे बने रहीमुद्दीन के नए मकान की पिछली दीवार भरभराकर ढह गई। उस समय रहीमुद्दीन की पत्नी शफीकुन्निशा खाना पका रही थी। दीवार ढहने की सूचना पर गोला देहात प्रधान प्रतिनिधि शकील और तमाम लोग वहां पहुंच गए। तालाब के किनारे बने मोहम्मद अब्बास, मुख्तियार, निसार अहमद के मकानों को भी खतरा बना हुआ है।
इधर, बारिश से क्षेत्र के गांवों और गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों से लोगों का निकलना दूभर हो गया है। अलीगंज रोड से भुड़वारा को जाने वाला संपर्क मार्ग कई गांवों के लोगों के लिए आवागमन का मुख्य मार्ग है। वर्षों से यह मार्ग जर्जर है, जगह जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिसमें हल्की सी बरसात से जलभराव और कीचड़ होने से लोगों का निकलना मुश्किल है। इसी तरह कालीचरनपुर गांव को ईंट प्लांट के पास से जाने वाले मार्ग पर भी जलभराव है।
अलीगंज रोड पर सेंट्रल वेयर हाउस के सामने से लखीमपुर रोड को जोड़ने वाला बाईपास मार्ग लोगों के आवागमन के लिए महत्वपूूर्ण है। इसकी स्थिति भी काफी खराब है।
निकटवर्ती गांव लाल्हापुर के राजेंद्र गिरि मोहल्ले को रेलवे क्रॉसिंग के पास से जाने वाला मार्ग गड्ढों में तब्दील हो चुका है। बरसात में इस मार्ग की स्थिति भी खराब है।