पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि धौरहरा के गन्ना किसानों की समस्याएं मिल प्रशासन तुरंत दूर करे, नहीं तो मिल प्रशासन के खिलाफ जन आंदोलन किया जाएगा। जितिन प्रसाद ने मंगलवार को गोविंद शुगर मिल के जीएम आलोक सक्सेना को पत्र लिखकर धौरहरा क्षेत्र के किसानों की समस्याओं से अवगत कराया। साथ ही उन्हें दूर करने की बात कही है।
पत्र में पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि छोटे किसानों को वरीयता के आधार पर पहले पर्ची दिलाए जाने की व्यवस्था की जाए। कुछ छोटे किसान ऐसे भी हैं जिन्हें अब तक एक भी पर्ची प्राप्त नहीं हुई है, ऐसे किसानों को चिह्नित करके प्राथमिकता पर मिल प्रशासन तत्काल पर्ची उपलब्ध कराए। चीनी मिल सेंटरों पर किसानों का ट्रैक्टर ट्राली एवं बैलगाड़ियों को गन्ना खाली कराने में सेंटरों पर दो से तीन दिनों का समय लगाया जा रहा है, जिसे 12 घंटे के अंदर खाली कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने यह भी कहा कि चीनी मिल सेंटरों पर गन्ना तोलने के बाद मिल के ट्रक पर गन्ना लोडिंग का चार्ज किसानों से वसूलने की शिकायत भी उन्हें प्राप्त हुई है, जिसे चीनी मिल प्रशासन स्वयं निर्वहन करने की तत्काल व्यवस्था कराए। चीनी मिल क्षेत्र में गन्ना माफिया एवं छोटे-छोटे अवैध सेंटरों से गन्ने की खरीददारी होने के कारण छोटे किसानों को उसकी लागत मूल्य भी प्राप्त नहीं हो पा रही है, जिससे छोटे किसानों को आर्थिक क्षति हो रही है।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने गोविंद शुगर मिल के जनरल मैनेजर को मंगलवार को इस आशय का पत्र लिखकर तत्काल सभी बिंदुओं पर कार्रवाई करने को कहा है। चेतावनी दी कि कार्रवाई न होने पर किसानों के साथ अधिकारों के लिए मिल प्रशासन के विरूद्ध कांग्रेस जनान्दोलन करेगी।