जिला पंचायत की बैठक में सदस्यों के हंगामे के बीच वर्ष 2015-16 के श्रम बजट का अनुमोदन किया गया। सदस्यों ने जिलास्तर पर मनरेगा का श्रम बजट बनाने पर आपत्ति जताई। इसको लेकर कई सदस्यों ने हंगामा भी किया। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष कमल पाल ने की।
जिला पंचायत की बैठक में पिछली कार्यवाही की पुष्टि के बाद जैसे ही अपर मुख्य अधिकारी उमेश चंद्र ने वर्ष 2015-16 का श्रम बजट अनुमोदन के लिए सदन में रखा, जिला पंचायत सदस्य के प्रतिनिधि क्रांति कुमार सिंह ने जिला स्तर पर श्रम बजट तैयार किए जाने को नियम विरुद्ध बताया। कई सदस्यों ने इसका समर्थन किया। कुछ ही देर में वहां हंगामे जैसी स्थिति पैदा हो गई। हालांकि बाद में सदन ने श्रम बजट का अनुमोदन कर दिया गया।
इसके साथ ही बैठक में जिला योजना वर्ष 2015-16 के अनुमोदन के साथ पिछड़ा वर्ग अनुदान निधि की कार्ययोजना वर्ष 2015-16 का भी अनुमोदन किया गया। सदन ने वर्ष 2014-15 के पुनरीक्षित बजट का अनुमोदन किया गया। इसमें निजी स्त्रोतों से 35943500 रुपये की आय और निजी स्त्रोतों से 35530000 रुपये का व्यय दर्शाया गया है। इसका अनुमोदन किया गया।
इसके साथ ही वर्ष 2015-16 के मूल बजट का अनुमोदन किया गया। इसमें निजी स्त्रोताें से 39178500 रुपये की आय अनुमानित की गई है। जबकि निजी स्त्रोतों से 38550000 रुपये का व्यय अनुमानित किया गया है। इसके अलावा जिला पंचायत से होने वाले महत्वपूर्ण कार्यों और भावी कार्यक्रमों पर सदन में चर्चा की गई।
बैठक में सीडीओ नितीश कुमार, विधायक उत्कर्ष वर्मा, राम सरन, सुनील कुमार भार्गव, कृष्ण गोपाल पटेल के अलावा राज्यसभा सदस्यों लोकसभा सदस्यों के प्रतिनिधि, ब्लाक प्रमुख जिला पंचायत सदस्य और विभिन्न विभागों के जिलास्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।