धनगढ़ी (नेपाल)। नेपाल में जापानी इंसेफेलाइटिस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। पिछले करीब डेढ़ माह में सातों प्रदेशों के 25 जिलों में 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 59 लोग संक्रमित मिले हैं। बीमारी की मृत्युदर करीब 25 प्रतिशत है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से साफ-सफाई रखने और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है।
नेपाल के सातों प्रदेशों में जापानी इंसेफेलाइटिस के मामले सामने आए हैं। कैलाली जिले के स्वास्थ्य कार्यालय प्रमुख रमेश कुंवर के अनुसार, कैलाली की घोड़ाघोड़ी नगरपालिका क्षेत्र में दो लोगों की मौत हुई है और सात संक्रमित मिले हैं।
सबसे अधिक मौतें कोशी प्रदेश में हुई हैं। झापा में छह, सुनसरी में दो तथा मोरंग और इलाम में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। मधेश प्रदेश में सप्तरी में दो, धनुषा में एक तथा रौतहट, पर्सा समेत अन्य क्षेत्रों में कुल छह लोगों की मौत हुई है। इस प्रदेश में 19 संक्रमित मिले हैं। बागमती प्रदेश के काभ्रे में एक व्यक्ति की मौत हुई है। लुंबिनी प्रदेश में दांग में एक समेत दो लोगों की मौत हुई है और सात संक्रमित मिले हैं। गंडकी प्रदेश के नवलपरासी में पांच तथा करनाली प्रदेश के सुर्खेत में एक संक्रमित मिला है।
स्वास्थ्य कार्यालय प्रमुख रमेश कुंवर ने बताया कि जापानी इंसेफेलाइटिस संक्रमित क्यूलेक्स मच्छरों के काटने से फैलने वाला वायरल संक्रमण है, जो मस्तिष्क को प्रभावित कर गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है और जानलेवा भी हो सकता है। बीमारी से बचाव के लिए मच्छरों से बचाव और स्वच्छता जरूरी है।
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पिछले साल 41 लोगों की हुई थी मौत
पिछले वर्ष नेपाल के 45 जिलों में जापानी इंसेफेलाइटिस के 141 संक्रमित मिले थे, जिनमें 41 लोगों की मौत हुई थी। संक्रमण 117 से अधिक स्थानीय तहों में फैला था और मृत्युदर करीब 23 प्रतिशत रही थी। इस वर्ष उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार मृत्युदर करीब 25 प्रतिशत है।