लखीमपुर खीरी। गर्भवतियों को प्रसव के बाद बेहतर खानपान मिल सके। सरकार इसलिए जननी सुरक्षा योजना चलाकर उन्हें सहायता राशि देती है। हालांकि पिछले करीब पांच माह से बजट की कमी की वजह से लाभार्थियों के खाते में यह राशि नहीं पहुंच रही है। इससे उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला महिला अस्पताल से लेकर अन्य सरकारी अस्पतालों में प्रसूताएं लगातार जननी सुरक्षा योजना के लिए फाॅर्म को भरकर जमा कर रही है। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र की प्रसूताओं को 1400 रुपये, जबकि शहरी क्षेत्र में एक हजार रुपये प्रसव के 48 घंटे के अंदर उनके खाते में देना होता है। हालांकि, पिछले करीब पांच माह से बजट के अभाव में यह योजना जिले में धीमी पड़ गई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि बीच में कुछ बजट मिला है, उसे प्रसूताओं के खाते में भेजा गया है। इसके बावजूद अभी भी जिले की तकरीबन आठ हजार प्रसूताओं को इस सरकारी मदद का इंतजार है।
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केस : 1
बीते दिसंबर को जिला महिला अस्पताल में प्रसव हुआ था। इसके बाद जननी सुरक्षा योजना का फाॅर्म भी भरा, लेकिन चार माह हो चुके हैं। अब तक इसका पैसा खाते में नहीं आया है, जबकि सरकार 48 घंटे के अंदर सहायता राशि भेजने की बात करती है।
- मुन्नी देवी, गौटेय्याबाग, लखीमपुर
केस : 2
जनवरी में जिला महिला अस्पताल में बच्चे का जन्म हुआ था। फाॅर्म भरकर जरूरी दस्तावेज भी जमा कर चुके हैं। कई बार पता करने गए तो बताया गया कि सहायता राशि कुछ दिनों में खाते में भेज दी जाएगी, लेकिन अब तक यह राशि नहीं मिली।
- हफीजा, हिदायत नगर
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