आंधी तूफान ने मचाई तबाही, पेड़ और मकान ढहे
बिजली गिरने से तीन लड़कियां झुलसीं, दीवार, पेड़ गिरने से छह घायल, आधा दर्जन मवेशी मरे
जून माह की भीषण तपिश के बाद मंगलवार को हुई झमाझम बारिश से मौसम में तरावट आ गई। खेतों, बगीचों और जंगलों में जैसे जिंदगी लौट आई। तेज हवाओं के साथ करीब आधे घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश से खेत और तालाब भर गए। निघासन क्षेत्र में बिजली गिरने से एक ही परिवार की तीन लड़कियां झुलस गई। महेवागंज इलाके में आंधी चक्रवाती तूफान के रूप में आई। आंधी में पेड़ ही नहीं दर्जनों कच्चे पक्के मकान गिर गए। सड़क किनारे रखे खोखे लुढ़क कर दूर जा गिरे। दीवारें गिरने और पेड़ों के गिरने से आधा दर्जन लोग घायल हो गए। कई मवेशियों की मौत हो गई।
बारिश के पहले आई आंधी से कई पेड़ों की डालें टूट गईं। बिजली के तार क्षतिग्रस्त होने से शहर के कई इलाकों की बिजली घंटों गायब रही। कई पेड़ जड़ से उखड़ गए तो कई घरों के छप्पर और टिनशेड उड़कर दूर जा गिरे। रामनवमी मंदिर के सामने स्थित बर्तन बाजार में कहीं दूर से उड़कर आई टिनशेड यहां आकर गिरी। शहर मेें कई जगह पेड़ों की डालें गिरने से बिजली के तार टूट गए। इससे शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई जो दोपहर बाद बहाल हो पाई।
तेज बारिश होने से कलक्ट्रेट परिसर, जिला पंचायत परिसर, शाहपुरा कोठी स्थित पंचायत चुनाव कार्यालय के सामने, सदर स्कूल, अस्पताल परिसर, नईबस्ती, सीतापुर रोड, गंगोत्री नगर कॉलोनी आदि जगहों पर जलभराव के कारण लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ीं। नालियां चोक होने से यह ओवर फलो हो गईं। नालियों का गंदा पानी सड़कों पर आ गया। लोगों को इसी पानी से गुजरकर अपने गंतव्य पहुंचना पड़ा। आफीसर्स कालोनी स्थित सीडीओ आवास के परिसर में लगा बालमखीरा का पेड़ गिर गया। इससे यातायात बाधित हुआ।
महेवागंज। मंगलवार सुबह आए भीषण तूफान ने कस्बे में जमकर कहर बरपाया। इसमें कच्चे पक्के मकान, बिजली पोल, गुमटियां और पेड़ धराशाई हो गए। इसकी चपेट में आकर कई लोग जख्मी हो गए। आधा दर्जन मवेशियों की मौत हो गई। जगह जगह पेड़ गिरने से घंटों जाम लगा रहा। भीरा रोड स्थित कोयला मिल पूरी तरह से ध्वस्त हो गई। इससे काफी देर तक अफरातफरी मची रही। टीन शेड और मलबे की चपेट में आने से महेवा निवासी टेलर जाबिर, रहीमुद्दीन, शमशाद, वसीम बानो, याशमीन, सीतापुर निवासी सबीना, मोहम्मद उमर, जामिन ओदरहना निवासी रुकसाना और शाहीन जख्मी हो गए। सिराजुद्दीन की भैंस पर भारी पेड़ गिरने से वह उसमे दबकर मर गई। दीवार गिरने से उमर की चार बकरियां मर गईं। कई वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। पलिया-शारदानगर मार्ग पर जगह जगह पेड़, बिजली पोल गिरने से घंटों हाईवे बाधित रहा।
बिजुआ। सुबह छह बजे तेज हवा के साथ हुई बारिश से लोगों को राहत मिली वहीं गन्ने की फसल को जबरदस्त फायदा हुआ है। लगातार पारा बढ़ने से गन्ने की फसल सूखने लगी थी, लेकिन कुछ घंटों की बारिश ने किसानों की सूखती फसल के लिए अमृत का काम किया। तेज बारिश से कई रास्तों पर जलभराव हो गया।
मैलानी। मौसम का मिजाज बदला और आंधी ने गर्मी से कुछ राहत दी। सुबह साढ़े सात बजे झमाझम बारिश हुई। इससे मौसम में तरावट आ गई और तीन दिनों से गर्मी की तपिश झेल रहे लोगों को राहत मिली।
बांकेगंज। तेज आंधी के साथ हुई बारिश केला उत्पादक किसानों के लिए आफत बन गई। तेज आंधी से कस्बे से सटे बांकेपुर गांव निवासी दो किसानों शेर सिंह और डालचंद्र के खेतों में खड़ी लहलहाती फसल गिर कर बर्बाद हो गई।
गोला गोकर्ण नाथ। मंगलवार की सुबह आकाश में घुमड़ते मेघों के साथ तेज ठंडी हवा के झोंकों और बरसात ने लोगों में गर्मी से बड़ी राहत दी। क्षेत्र के निचले स्थानों पर जलभराव हो गया है। रजागंज, ममरी में बारिश से फसलों को काफी फायदा पहुंचा है।
पलियाकलां। तेज आंधी तूफान से घरों की टिन और छप्पर आंधी में उड़ गए। पलिया-निघासन रोड पर कई पेड़ गिर गए। बारिश से नगर के मोहल्लों में जलभराव हो गया। जिससे लोगों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके अलावा संपूर्णानगर, चंदनचौकी, खजुरिया, महंगापुर, गौरीफंटा, भीरा में भी बारिश हुई।