जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सबसे पहले मुड़िया खेड़ा में पहुंचकर ग्रामीणों से वहां पहुंच रही जलापूर्ति के बारे में जानकारी ली। आयोजित सभा में मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने जनता से संवाद किया। ग्राम प्रधान को आगे कर कहा कि यही वह शख्स हैं, जिन पर आपके घर में स्वच्छ जल पहुंचाने का जिम्मा है। वहां मौजूद एक महिला ने प्रधान पर अभद्र टिप्पणी की। इस पर मंत्री ने फौरन मुद्दा बदल दिया। इसके बाद महिलाओं व ग्रामीणों को जेजेएम के तहत हुई ट्रेनिंग के बारे में मंत्री के पूछने पर डीपीएमयू के ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर शरद शुक्ला संतोषजनक जानकारी न दे सके। जिस पर स्वतंत्र देव सिंह ने कड़ी फटकार लगाई।
वहीं विभागीय अफसर-कर्मचारियों से जवाब-तलब करते हुए असंतोषजनक उत्तर मिलने पर मंत्री स्वतंत्र देव सिंह की भी जुबान फिसल गई। उनके मुंह से गाली निकल गई। ग्राम प्रधान का कहना है संबंधित महिला पंचायत चुनाव के दौरान से रंजिश मानती है। साजिशन बदनाम करने की नीयत से टिप्पणी की।
फटकार के साथ-साथ अफसरों को मिली चेतावनी
जलशक्ति मंत्री ने कहा कि 'हर घर नल योजना' की प्रगति की निरंतर निगरानी की जिम्मेदारी अभियंताओं की है। चेतावनी दी कि जिन साइट में घर-घर नल पहुंचाने का काम गति नहीं पकड़ेगा, वहां उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए कार्रवाई की जाएगी। गांव-गांव में काम को गति देने के लिए फील्ड में उतरना पड़ेगा। निगरानी करने के साथ, जिला प्रशासन का सहयोग और ग्राम प्रधानों के साथ बैठकें करनी होंगी।