पिछले छह महीने से निरुद्ध महिला ने ‘नन्हे’ को जन्म देकर जिला कारागार में
खुशियां बिखेर दी हैं। अधिकारी, कैदी/बंदी बच्चे की किलकारी सुनने का
बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। कारागार में जच्चा और बच्चा के स्वागत की
तैयारियां शुरू हो गई हैं।
जेल अधिकारियों के मुताबिक फरधान क्षेत्र के
गांव अटौहापुरवा निवासी रामसागर की पत्नी चंद्रकली (30) को मंगलवार की रात
करीब नौ बजे प्रसव पीड़ा होने पर महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
एक घंटे बाद चंद्रकली ने एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया। रात में ही कारागार
के वरिष्ठ अधिकारियों को यह सूचना दी गई और देखभाल के लिए एक गार्ड को
तैनात किया गया। अभी चंद्रकली अपने नवजात शिशु के साथ महिला अस्पताल में ही
है लेकिन उसे पुत्र होने की जानकारी पूरे कारागार के बंदियों को मिल गई
है।
पति की हत्या कर शव गायब करने का है आरोप
महिला
बंदी चंद्रकली पर 30 जून, 2014 को अपने पति रामसागर की हत्या कर शव गायब
कर देने का आरोप लगा था, जिसके बाद फरधान पुलिस ने तीन माह की गर्भवती
चंद्रकली पर मुकदमा दर्ज कर उसका चालान कर दिया। तब से वह जिला कारागार में
निरुद्ध है।
जेल अधीक्षक एचआर दोहरे ने बताया कि महिला बंदी चंद्रकली
और उसके बच्चे के स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। बच्चे के कारागार
आने पर जन्म के समय के सभी संस्कार करवाए जाएंगे। ढोलक बजेगी और मिठाई भी
बांटी जाएगी। इसके लिए व्यवस्था करवाई जा रही है।