रविवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए थेे। कुछ देर के लिए धूप निकली, लेकिन उसके बाद बादल घिर आए। दोपहर करीब 12 बजे अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। यह बारिश पूरे जिले में हुई। करीब 15 मिनट तक तेज बारिश होने के बाद बारिश तो थम गई लेकिन बूंदा-बांदी जारी रही। अचानक शुरू हुई बारिश से कुछ देर के लिए जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। जो लोग घरों से बाहर थे जब तक वे आसरा तलाशते पानी से तरबतर हो गए। कुछ देर तक बाजार में भी सन्नाटा छा गया। साथ ही जगह-जगह कीचड़ हो गया। इससे लोगों को परेशानियां उठानी पड़ीं। उधर, यह बारिश फसलों के लिए फायदेमंद साबित हुई है। रविवार को हुई बारिश से मसूर को सबसे ज्यादा फायदा हुआ है। मसूर बोने वाले काश्तकारों का कहना है कि यह बारिश मसूर की फसल के लिए अमृत जैसी है। उधर, गेहूं की फसल को भी काफी लाभ पहुंचा है। जबकि सरसों की फसल के लिए बारिश नुकसानदेय साबित हुई है। इन दिनों सरसों के पौधे फूलों से लदे हैं। तेज हवाओं और बारिश से सरसों के फूल झड़ गए। इससे सरसों के उत्पादन पर बुरा असर पड़ सकता है।
मैलानी। रविवार को दोपहर यहां हुई बारिश से ठंडक एक बार फिर बढ़ गई है। पिछले कुछ दिनों से तेज धूप निकलने से सर्दी से राहत मिली थी। रात को भी मौसम रोज की अपेेक्षा गर्म रह रहा था, लेकिन सुबह आठ बजे से आसमान में बादल छा गए और एक बजे बारिश शुरू हो गई। आधा घंटा बारिश होने के बाद थम गई। बारिश के साथ ही तेज हवाएं चलने से सर्दी में बढ़ोत्तरी हो गई।