गांव सिसैया में मंडी समिति से बन रही 37 लाख की लागत से आरसीसी रोड में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने हंगामा काटा। मजदूरों ने भी ठेकेदार पर मजदूरी कम देने का आरोप लगाया। इस दौरान मजदूरों और प्रधान में नोकझोंक हो गई। इस मामले की शिकायत डीएम से की गई है।
गांव सिसैया में एक किलोमीटर आरसीसी सड़क का निर्माण हो रहा है। आरोप है कि सड़क निर्माण में ठेकेदार ने मौरंग के स्थान पर बालू डाली है। इसके अलावा मानकों को दरकिनार कर चार-एक के स्थान पर 18-एक का मसाला प्रयोग किया जा रहा है। इसमें भी सीमेंट घटिया है। आरसीसी रोड बनाने का काम कर रहे अशोक कुमार, रामकुमार, रतनलाल आदि का आरोप है कि ठेकेदार सिर्फ 100 रुपये दे रहा है, जबकि मनरेगा में 156 रुपये मजदूरी मिलती है। मजदूरों की बात सुनकर वहां पर प्रधान आ गए। किसी बात को लेकर मजदूरों और प्रधान में भी नोकझोंक होने लगी। वहां मौजूद लोगों ने मजदूरों को समझाया। अनियमियताओं को लेकर नाराज रामकुमार, ढाकन, जसवंत, नियारी, हजारी, रामचंद्र, कौशल, रामगुलाम, मोहन आदि ने हंगामा किया और बाद में शिकायत डीएम से की। उधर मजदूरों और ग्रामीणों का आक्रोश देखकर ठेकेदार के मेट ने 100 रुपये के स्थान पर 120 रुपये मजदूरी देने का आश्वासन दिया।
कार्य करा रहे ठेकेदार के मुंशी ने बताया कि जेई ने ही सारा सीमेंट देकर कार्य कराने को कहा है। सीमेंट सही है या गलत उससे कोई मतलब नहीं है।
जेई मंडी समिति ज्ञानेश शर्मा ने बताया कि यह सही है कि सीमेंट मैंने भिजवाया है। मौके पर दो बार जाकर निरीक्षण कर चुका हूं। दोनों बार ठेकेदार को सही ढंग से काम करने की नसीहत दी। इसके बाद भी कार्य सही नहीं हो रहा है तो मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।