खीमपुर खीरी। इफको गोदाम पर गीली खाद का स्टाक लगाने के मामले में अधिकारी सुस्ती बरत रहे हैं। ऐसे में गोदाम प्रभारी और ठेकेदार मनमाना रवैया अख्तियार किए हुए हैं। इस मामले में अधिकारी किसी को दोषी भी नहीं मानने को तैयार हैं।
चार दिन पहले सीतापुर जिले से आई इफको गोदाम पर एनपीके खाद की बोरियां उतरवाई जा रही थीं। बोरियां बरसाती पानी में भीगी हुई थीं। गोदाम प्रभारी इसे वापस कराने के बजाए गोदाम में स्टाक करा रहे हैं। करोड़ों रुपयों की खाद भीग जाने की खबर एआर कोआपरेटिव से लेकर कृषि अधिकारी तक को हुई, लेकिन किसी ने भी मौके पर जाकर निरीक्षण तक करना मुनासिब नहीं समझा।
सूत्र बताते हैं कि अभी कुछ दिनाें के बाद एक दम से खाद की डिमांड बढ़ेगी, डिमांड को पूरा करने के लिए इसी भीगी खाद को समितियों में भेजकर किसानों को बेंच दी जाएगी। इससे फसलों में नुकसान होगा। अधिकारियों द्वारा गंभीर मामले में बरती जा रही लापरवाही कहीं न कहीं किसानों के लिए भारी पड़ सकती है।
दूसरे दिन भी उतरती रही खाद की बोरियां
राजापुर स्थित पहाड़ापुर में बने इफको के गोदाम पर दूसरे दिन भी खाद की बोरियां उतरवाई जाती रहीं। बोरी उतार रहे मजदूरों का कहना था कि ट्रकों से ही बोरियां भीगी हुई निकल रही हैं। कुछ खाद से भरी बोरियां बिल्कुल खराब हो चुकी हैं। फिर भी उन्हें स्टाक कराया जा रहा है। ज्यादा भीगी बोरियों को अलग रखवाया जा रहा है। ज्यादातर बोरियों के चट्टे ही लगवाए जा रहे हैं। भीगी बोरियों की संख्या एक हजार से ज्यादा बताई जा रही है।
भीगी खाद बिक्री के लिए समितियों पर नहीं भेजी जाएगी। खाद को अलग रखवाया जा रहा है। खाद भीगने के मामले की जांच कराई जा रही है।
- अरविंद कुमार चौधरी, जिला कृषि अधिकारी