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Lakhimpur Kheri News: भोजन-पानी और निगरानी के ईद-गिर्द घूम रही टीमों की जांच

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बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व में बाघों की मौत की टीमों की जांच भोजन-पानी और निगरानी के ईद-गिर्द घूम रही है। निगरानी में चूक समेत अन्य बिदुओं पर भी जांच की जा रही है।
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दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मैलानी, उत्तर निघासन और किशनपुर सेंक्चुरी की मैलानी रेंज में 45 दिन में चार बाघों की हुई मौत में सिर्फ एक बाघ की मौत कोरजोन में हुई है। बाकी तीन बाघों की मौत जंगल के बाहर आबादी के निकट या खेतों में हुई। आखिर बाघ जंगल से बाहर क्यों निकल रहे हैं। जिसे आपसी संघर्ष बताया जा रहा है, कहीं यह शिकारियों की हरकत तो नहीं। या ग्रामीणों ने हमले के डर से तो बाघों को चोट नहीं पहुंचाई। इन बिंदुओं पर भी फोकस किया जा रहा है।
मंगलवार को रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी संजय सिंह के नेतृत्व में जिस समय टीम मैलानी रेंज के ग्रंट नंबर तीन और रामपुर ढकैया गांव में पहुंची, उस समय तेज बारिश हो रही थी। यहां किसी से बात किए बगैर वन कर्मियों से गन्ने खेत में मिले बाघ के शव से संबंधित पूछताछ की। इसके बाद रामपुर ढकैया गांव पहुंची टीम ने जंगल से गांव की ओर मूवमेंट करने वाली बाघिन गांव में कितने समय तक रही।
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गांव में बाघिन की गतिविधियों की जानकारी लेने के बाद इससे पहले बाघिन इस क्षेत्र में दिखी या नहीं. इन बिंदुओं पर जानकारी जुटाई गई। बारिश के बीच घटनास्थलों का निरीक्षण करने के बाद टीम कुकरगढ़ा रवाना हो गई। यहां भी पानी बरस रहा था। यहां घटनास्थल की बारीकी से जांच के बाद टीं दुधवा चली गई। जहां टीम ने दस्तावेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आदि देखी।
दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी ललित वर्मा ने बताया कि बुधवार को जांच टीम में शामिल रिटायर्ड आईएफएस अफसर संजय सिंह दुधवा में रूककर बाघों की मौत से संबंधित दस्तावेजों की छानबीन व पूछताछ करते रहे। टीम में शामिल आरके सिंह और गोरखपुर चिड़ियाघर के डॉ. योगेश ने निघासन रेंज की लट्ठौआ बीट घटनास्थल का निरीक्षण किया। यहां भी टीम ने विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत जांच की गई।

मैलानी रेंज में मरे बाघ-बाघिन की डीएनए जांच पर मंथन
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मैलानी रेंज की ग्रंट नंबर तीन बीट में 21 अप्रैल को बाघ और तीन जून को रामपुर ढकैया गांव में आधी रात घुसी बाघिन की दूसरे दिन मौत हो गई थी। इसमें ग्रंट नंबर तीन में मरे बाघ का पोस्टमार्टम मैलानी रेंज परिसर में तीन पशु चिकित्सकों के पैनल ने किया था, जबकि रामपुर ढकैया गांव में मरी बाघिन के शव को आईवीआरआई बरेली भेजा गया था। 45 दिन के अंतराल में करीब डेढ़ किलोमीटर क्षेत्र में बाघ-बाघिन की मौत पर जांच टीम इस बिंदु पर भी मंथन कर रही है कि कहीं यह दोनों एक ही परिवार के तो नहीं थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की उम्र दो से ढाई साल बताई गई है। इस बात का पता लगाने के लिए जांच टीम डीएनए जांच कराने पर मंथन कर रही है।
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