लखीमपुर खीरी। औरंगाबाद सहकारी समिति से 223 बोरी यूरिया गायब होने के मामले की जांच पूरी हो गई है। जांच में वितरण प्रक्रिया में अनियमितताएं सामने आई हैं। जिला कृषि अधिकारी ने मामले की जांच रिपोर्ट विभागीय अफसरों के साथ ही उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, कई किसानों को पहले दिन यूरिया का वितरण कर दिया गया, जबकि उनके अंगूठे और अभिलेखों में पुष्टि अगले दिन दर्ज की गई, जो नियमानुसार गलत है।
औरंगाबाद गांव के रणधीर मिश्रा सहित अन्य ग्रामीणों ने सीडीओ अभिषेक कुमार से समिति से 223 बोरी यूरिया गायब होने की शिकायत की थी। सीडीओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कमेटी गठित कर दी।
जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने पूरे मामले की जांच की और पाया कि नियमों के खिलाफ वितरण किया गया। अंगूठा लगाने के बाद ही खाद दी जानी चाहिए, लेकिन समिति सचिव सहित अन्य जिम्मेदारों ने पहले खाद दी, उसके कई दिन बाद अंगूठा लगाया।
विभागीय सूत्रों ने बताया कि समिति से 223 बोरी यूरिया गायब कर दी गई थी, लेकिन शिकायत पर आनन-फानन किसानों क अंगूठे लगवाए गए, ताकि फर्जीवाड़ा न पकड़ा जाए।
जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि नियमों के विपरीत खाद वितरण होना पाया गया है, मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।