लखीमपुर खीरी। चंदन चौकी थाना क्षेत्र की 27 किशोरियों को दिल्ली से रेस्क्यू करने के मामले की जांच शुरू हो गई है। जनजाति विभाग के अधिकारी इस मामले की पड़ताल कर रहे हैं। लड़कियां किसके साथ दिल्ली गईं, इसकी तह तक जाने के लिए जनजाति विभाग के अधिकारी सभी अभिभावकों से संपर्क करेंगे।
दिल्ली की बाल कल्याण समिति के जज ने 11 जून को 27 लड़कियों को लखीमपुर खीरी की बाल कल्याण समिति के सुपुर्द करने का आदेश जारी किया था। 12 जून को लड़कियां दिल्ली से यहां लाई गईं और यहां की बाल कल्याण समिति ने सत्यापन करने के बाद अभिभावकों को बुलाकर लड़कियां उनके सुपुर्द कर दी थीं। जानकारी के अनुसार दिल्ली की बाल कल्याण समिति ने एक संस्था से चंदन चौकी थाना क्षेत्र की 42 किशोरियों-बालिकाओं को बरामद किया था।
किशोरियां पढ़ाई के नाम पर दिल्ली भेजी गई थीं। दिल्ली की टीम ने जिले की बाल कल्याण समिति से संपर्क कर किशोरियों-बालिकाओं के घरों का सत्यापन कराया। 27 किशोरियों के माता-पिता घर पर ही मिले थे। सत्यापन में इस बात का भी पता चला कि पांच किशोरियों के अभिभावक कहीं बाहर काम करने गए थे।
सत्यापन के बाद दिल्ली पुलिस की टीम लखीमपुर आई और 27 किशोरियां सीडब्ल्यूसी को सौंप दीं। किशोरियों की उम्र 10 से 17 वर्ष के बीच है। रविवार को खबर छपने के बाद जनजातीय विभाग के अधिकारी सक्रिय हो गए। मामला शासन तक पहुंचने की भी चर्चा है। जनजाति विभाग के परियोजना अधिकारी यूके सिंह ने बताया कि विभागीय टीम जल्द किशोरियों-बालिकाओं के अभिभावकों से संपर्क करेगी। साथ ही इस बात का भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि आखिरकार सभी बालिकाओं को कौन और किस मकसद से दिल्ली लेकर गया था।
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मामला संज्ञान में आया है। लड़कियों-किशोरियों के साथ कोई घटना नहीं घटी है, पूरा मामला जिला प्रोबेशन अधिकारी देख रहे हैं। आगे की कार्रवाई भी वही विभाग करेगा।
यदुवेंद्र सिंह यादव, सीओ पलिया