समग्र ग्राम विकास विभाग के संयुक्त सचिव नरेश बहादुर ने 2012-13 और 2013-14 में चयनित डॉ. राममनोहर लोहिया समग्र ग्रामों में कराए गए विकास कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों से आ रही दिक्कतों के बारे में पूछताछ की और उनके निराकरण का आश्वासन दिया। समीक्षा के बाद संयुक्त सचिव ने 2013-14 में चयनित सदर ब्लाक के लोहिया गांव मथना और बिजुआ ब्लाक के लोहिया गांव रतनापुर का भौतिक सत्यापन किया। आंगनबाड़ी केंद्रों की प्रगति असंतोषजनक पाई गई, जिसके लिए संयुक्त सचिव ने नाराजगी जताई।
विकास भवन सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक में संयुक्त सचिव नरेश बहादुर ने कहा कि 2012-13 और 2013-14 में चयनित समस्त लोहिया गांवों को लक्ष्य के अनुरूप शीघ्र संतृप्त कर दें। उन्होंने विभागवार समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों से दिक्कतों के बारे में जानकारी हासिल की, जिस पर अधिकतर अधिकारियों ने सब कुछ ओके होने की बात कही। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के एई ने 15 जनवरी तक अवशेष निर्माण कार्य पूरा करने का आश्वासन दिया। जल निगम के अधिकारी ने पाइप पेयजल परियोजनाओं की प्रगति संतोषजनक बताई। जबकि बीएसए डॉ. ओपी राय ने तीन स्थानों पर जमीन मिलने और बजट की दिक्कत बताई। आंगनबाड़ी केंद्रों की प्रगति संतोषजनक न पाए जाने पर उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी श्यामकुमारी से जवाब-तलब किया, जिस पर उन्होंने बजट देरी से मिलने की बात कही। उप कृषि निदेशक डॉ शिवकुमार केसरी ने मृदा परीक्षण के लिए बजट की मांग रखी, ताकि लोहिया गांवों में नि:शुल्क मृदा परीक्षण कराया जा सके। लघु सिंचाई के सहायक अभियंता अवनीश कुमार ने निशुल्क बोरिंग में आ रही दिक्कतों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि डेप्थ स्टेडा वाले स्थानों पर बोरिंग में 20 से 25 हजार रुपये व्यय होते हैं, जबकि शासन से सात हजार मिल रहे हैं। बैठक में केरोसिन किल्लत की बावत डीएसओ डॉ. राकेश तिवारी ने कहा कि आपूर्ति कम मिल पाई हैै।
बैठक का संचालन डीडीओ वीरेंद्र यादव ने किया। जबकि डीपीआरओ योगेंद्र कटियार, जिला समाज कल्याण अधिकारी रणजीत सिंह, डीएसटीओ एसपी वर्मा, जिला कृषि अधिकारी अमर सिंह, एआर कोआपरेटिव आरके सिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे।