ढ़ाका गांव में बाघ की निगरानी करती वन कर्मियों की टीम।
बांकेगंज। किशनपुर सेंक्चुरी में एक बाघ गंभीर रूप से घायल हो गया है। दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन बाघ की निगरानी करा रहा है। डॉक्टरों की टीम का एक दल किशनपुर सेंक्चुरी पहुंच रहा है। बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कैमरे लगाए गए हैं।
किशनपुर सेंक्चरी में वनकर्मियों की गश्ती टीम को शुक्रवार को एक बाघ दिखाई दिया। जिसकी गतिविधियां अस्वाभाविक थीं। बाघ की आंख में गहरे जख्म होने के कारण वह धीमी गति से चल रहा था। वनकर्मियों ने इसकी सूचना दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी और उपनिदेशक डॉ. रंगाराजू टी. को दी। दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर ललित कुमार वर्मा ने किशनपुर सेंक्चुरी में बाघ के घायल होने की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिली है। वन कर्मियों की टीमें निगरानी के लिए लगाई गई हैं।
इलाज के लिए डॉक्टरों की टीम शुक्रवार को किशनपुर सेंक्चुरी पहुंचेगी। बाघ को बेहोश करने की अनुमति ली जाएगी। संवाद
ढाका गांव के पास मौजूद बाघ, दहशत में ग्रामीण
बांकेगंज। मैलानी रेंज के जंगल से सटे ढाका गांव के पास बकरियों के झुंड पर हमला करने वाला बाघ अभी आबादी के पास ही मौजूद है। बुधवार रात बाघ के रुक-रुककर दहाड़ने की आवाजें ग्रामीणों के कानों में सुनाई देती रहीं। आबादी के पास बाघ की मौजूदगी से ग्रामीण दहशत में हैं। लोगों ने आबादी के पास सक्रिय बाघ को जंगल में खदेड़ने की मांग की है। रेंजर मैलानी साजिद हसन ने बताया कि वनकर्मियों की टीम गठित कर निगरानी कराई जा रही है। ग्रामीणों से सावधानी बरतने के लिए कहा जा रहा है। दोबारा बाघ दिखलाई पड़ने पर इसकी सूचना वन विभाग को दें। संवाद
ढ़ाका गांव में बाघ की निगरानी करती वन कर्मियों की टीम।