पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद मृतक जसवंत के परिजन-संवाद
लखीमपुर खीरी। मोहम्मदी क्षेत्र के एक ईंट भट्ठे से लापता 37 साल के श्रमिक का बृहस्पतिवार सुबह खून से लथपथ शव मिला। वह बुधवार शाम से लापता था। उसका माेबाइल फोन भी बंद था। गले व सीने पर चोटों के निशान हैं। गर्दन के पीछे का मांस गायब है। पुलिस जंगली जानवर के हमले में मौत की आशंका जता रही है, जबकि परिवार के लोग हत्या की बात कह रहे हैं।
पीलीभीत जिले के गांव सेहरामऊ उत्तरी के गांव मनहरिया निवासी जसवंत (37) दिसबंर 2023 से मोहम्मदी के एक ईंट भट्ठे पर काम कर रहे थे। परिजनों ने बताया कि जसवंत की बुधवार देर शाम किसी से कोई बातचीत नहीं हुई थी। इधर, भट्ठे पर काम करने वाले मजदूरों का कहना है कि जसवंत शाम करीब पांच बजे अचानक लापता हो गए। भट्ठा संचालक के साथ साथी मजदूरों ने उनकी तलाश की। बृहस्पतिवार सुबह भट्ठे से करीब 300 मीटर दूर जसवंत का खून से लथपथ शव पड़ा मिला।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने जसवंत की मौत जंगली जानवर के हमले में होने की बात कही है, जबकि परिजन शव की हालत देखकर हत्या की आशंका जता रहे हैं। भट्ठा संचालक जसवंत की मौत सड़क हादसे में होने की बात कह रहा है। पिता बहादुर लाल ने बताया कि जसवंत की गर्दन और सीने पर चोट के निशान हैं।
उनका कहना है कि ऐसा लगता है कि उस पर किसी ने धारदार हथियार से वार किया है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। मोहम्मदी कोतवाली प्रभारी अंबर लाल ने बताया कि जंगली जानवर के हमले में जान जाने का अंदेशा है। कई जगह पंजों के निशान भी मिले हैं। मौत की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही पता चलेगी।
भाई बोला- चाकू से किया गया कत्ल
- जसवंत घर से अकेले ही भट्ठे पर काम करने आए थे। उनके चार बच्चे हैं। भाई सुबोध कुशवाहा ने बताया कि पुलिस जंगली पशु के हमले में जसवंत की मौत होने की बात कह रही है, जो गलत है। शव पर चाकू से वार के निशान साफ दिख रहे हैं। जसंवत का कत्ल किया गया है।