पलियाकलां। भारत-नेपाल की खुली सीमा का फायदा उठाकर पाकिस्तानी आतंकी बड़े पैमाने पर नकली करेंसी भारत भेजकर देश की अर्थव्यवस्था तहस-नहस करने के प्रयास में लगे हैं। नेपाल बॉर्डर पर हाल ही में दो संदिग्धों को चार लाख की नकली करेंसी के साथ पकड़ा गया, मगर उन्हें छोड़ दिया गया। यह नकली करेंसी गौरीफंटा बॉर्डर होते हुए नेपाल पहुंचाई गई।
नोटबंदी के बाद आतंकियों की नकली करेंसी पर लंबे समय तक विराम लग गया था। मगर, हाल ही में भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में फिर नकली करेंसी की आमद होने लगी है। नोटबंदी के बाद राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी व डायरेक्टेरेट ऑफ रेवन्यू इंटेलिजेंस की जांच में भी यह खुलासा किया गया है। हालांकि नकली नोटों की बरामदगी भी की जा रही है। एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) ने भी आठ लाख रुपये सीमा के निकट बरामद किए हैं। इनमें 100, 500 और 2000 के नोटों की संख्या अधिक है।
दो दिन पहले नेपाल पुलिस ने नकली भारतीय करेंसी के साथ दो भारतीय युवकों को पकड़ा था। गौरीफंटा बॉर्डर से नेपाल गए इन भारतीय युवकों से करीब 42 हजार रुपये के नकली नोट बरामद होने के बाद गौरीफंटा बॉर्डर की पुलिस, एसएसबी, कस्टम और इंटेलिजेंस पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। संपूर्णानगर बॉर्डर पर पिछले साल बारह लाख की भारतीय नकली करेंसी बरामद हुई थी।
सूत्रों की मानें तो दस दिन पहले साढ़े चार लाख रुपये भारतीय नकली करेंसी गौरीफंटा में कस्टम ने पकड़ी थी। अब तक उसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई, मगर आसपास इलाके में इसकी चर्चा है। नेपाल बॉर्डर पर नकली करेंसी की सप्लाई को लेकर कस्टम विभाग की लापरवाही को भी काफी हद तक जिम्मेदार माना जा रहा है।