जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए प्रयासरत डीएम किंजल सिंह ने कुपोषित बच्चों को भर्ती करने के लिए बने पोषण पुनर्वास केेंद्र का औचक निरीक्षण किया है, जिसमें तमाम खामियां मिली हैं। डीएम ने केंद्र्र के इंचार्ज डॉ. राजेश कुमार को हटाने और उनके स्थान पर डॉ. आरके वर्मा को इंचार्ज नियुक्त करने के निर्देश सीएमएस को दिए हैं। पोषण पुनर्वास केंद्र पर सीएमएस के दखल को कम करते हुए केंद्र इंचार्ज को अपने मुताबिक व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए हैं। कुपोषित बच्चों के वार्ड को ‘आई एम हेल्थी बेबी’ के तौर पर विकसित करते हुए पेंटिंग कराने के निर्देश दिए हैं।
10 बेड क्षमता वाले पोषण पुनर्वास केंद्र्र में सभी बेडों पर बच्चे भर्ती थे। डीएम ने बच्चों का वजन कराया और भर्ती के समय वजन एवं सोमवार को वजन में तुलना की, तो अजय पुत्र हरदयाल निवासी ग्राम अटनहिया का वजन 500 ग्राम कम पाया गया, जिस पर डीएम ने वार्ड इंचार्ज को कड़ी फटकार लगाई। मैन्यू रजिस्टर देखा, लेकिन कहीं दीवारों पर मैन्यू अंकित नहीं था। डीएम ने मैन्यू के साथ ही क्या, कब डाइट देनी है, इसका अंकन कराने के निर्देश दिए हैं। वार्ड में पर्दे नहीं लगे थे, जिस पर सीएमएस डॉ. वीके साहू को वार्ड की सफाई, कंबल बदलने और सभी व्यवस्थाएं वार्ड में सुनिश्चित कराने के सख्त निर्देश दिए। किचन का गहन निरीक्षण किया, जहां हरी सब्जियां कई दिन पुरानी सूखी मिलीं। इस पर ठेकेदार का कांट्रेक्ट खत्म करने के निर्देश प्रदान दिए। सीएमएस को वार्ड में पेंट कराने, एबीसीडी और कुछ जानवरों के चित्र बनवाने के निर्देश दिए। डॉक्टरों और स्टाफ को आगाह करते हुए डीएम किंजल सिंह ने कहा कि कुपोषित बच्चों के प्रति जरा भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डेली मैन्यू चार्ट बनाकर उसके अनुसार बच्चों को आहार दें, जिससे बच्चे जल्द स्वस्थ होकर अपने घर जा सके। इस मौके पर एडीएम हरिकेश चौरसिया, सीएमओ डॉ. वीएस चौहान, सीएमएस डॉ. वीके साहू, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्यामकुमारी आदि मौजूद रहे।
एसडीएम ने पांच कुपोषित बच्चों को गोद लिया
मितौली। एसडीएम शादाब असलम ने पांच कुपोषित बच्चों को गोद लिया है। कानूनगो, डॉक्टर और राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर जाकर बच्चों का स्वास्थ्य का परीक्षण किया है। ग्राम रौतापुर निवासी नरगाई की तीन वर्षीय पुत्री, कचियानी निवासी तोताराम की चार वर्षीय पुत्री संजना, कानाखेड़ा निवासी सुरेश पांडे की पुत्री सुशीला, राजेंद्र की एक वर्षीय पुत्री स्वाति और इसी गांव निवासी राजेंद्र की एक माह का पुत्र रजनीश कुपोषित पाए गए हैं।