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जांच में खराब निकला गरीबों को बंटने के लिए आया चावल

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मोहम्मदी और बांकेगंज के एसएफसी गोदाम प्रभारियों को नोटिस जारी
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सात महीने बाद आई लैब रिपोर्ट में हुआ खुलासा, एफएसडीए ने दिसंबर 2021 में भरे थे नमूने
लखीमपुर खीरी। सात महीने बाद आई जांच रिपोर्ट में पीडीएस (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) के अंतर्गत गरीबों को बंटने के लिए आया चावल अधोमानक पाया गया है। यहां बता दें कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) द्वारा दिसंबर 2021 में नमूने भरे गए थे। एफएसडीए ने ब्लॉक मोहम्मदी और बांकेगंज स्थित एसएफसी गोदाम के प्रभारियों को नोटिस जारी किए हैं।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सस्ते गल्ले की दुकानों तक राशन पहुंचाने के लिए एसएफसी को जिम्मेदारी मिली थी, जिसके ब्लॉक मुख्यालयों पर गोदाम बने हुए हैं। एसएफसी द्वारा एफसीआई के गोदाम से गेहूं-चावल का उठान कराकर ब्लॉक के गोदामों में भेजा जाता है। यहां से कोटेदारों को गेहूं-चावल बांटा जाता है।
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दिसंबर 2021 में एफएसडीए के सहायक आयुक्त खाद्य कौशलेंद्र शर्मा के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने जिले भर में अभियान चलाकर सभी ब्लॉकों के गोदामों से चावल, रिफाइंड, नमक आदि खाद्य वस्तुओं के नमूने भरे थे, जिसकी लैब से जांच रिपोर्ट जून 2022 में आई है। ब्लॉक मोहम्मदी के एसएफसी गोदाम से भरा गया चावल का नमूना अधोमानक पाया गया है। उसमें डैमेज की मात्रा मानक से कई गुना अधिक मिली है। वहीं ब्लॉक बांकेगंज के एसएफसी गोदाम से भरा गया चावल का नमूना भी अधोमानक पाया गया। इस गोदाम के चावल में भी डैमेज की मात्रा मानक से कई गुना अधिक मिली है, जबकि एफसीआई द्वारा भारत सरकार के मानक वाला चावल आपूर्ति किया जाता है।
गोदाम प्रभारी के पास भी निजी ट्रक, रास्ते में चावल बदलने का चलता है खेल
एफसीआई से चावल का उठान किए जाने के रास्ते में उसे घटिया चावल से बदलने के आरोप पहले भी कई बार एसएफसी के गोदाम प्रभारियों पर लगते रहे हैं, लेकिन जांच में प्रभारी बच जाते थे। इस बार एफएसडीए द्वारा भरे गए नमूने की लैब रिपोर्ट में ऐसी गड़बड़ी किए जाने की पुष्टि हो गई है।
विभागीय सूत्र बताते हैं कि राइस मिलर्स से गोदाम प्रभारियों की सांठगांठ के जरिए ऐसा काम किया जाता है। इसके लिए गोदाम प्रभारियों ने अपने निजी ट्रक भी एफसीआई से राशन का उठान करने के लिए लगा रखे हैं, जिससे राइस मिल में ट्रक को ले जाकर आसानी से अच्छे चावल को घटिया चावल से बदल पाते हैं।
परिषदीय स्कूल की रसोई से लिया सरसों तेल का नमूना भी हुआ फेल
एफएसडीए के खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने परिषदीय स्कूलों में बनाए जाने वाले मिड डे मील की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए प्राथमिक विद्यालय गोला से सरसों तेल का नमूना भरकर लैब जांच के लिए भेजा था। सरसों तेल की लैब रिपोर्ट आई है, जिसमें लैब विश्लेषक ने सरसों तेल को मिस ब्रांड और अधोमानक पाया है। सहायक आयुक्त खाद्य कौशलेंद्र शर्मा ने बताया कि संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है, जिसके बाद एडीएम कोर्ट में मुकदमा दायर किया जाएगा।
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दिसंबर 2021 में एसएफसी के सभी 15 गोदामों से नमूने भरे गए थे, जिसमें से कुछ गोदामों की रिपोर्ट आई हैं। इसमें दो ब्लॉकों मोहम्मदी और बांकेगंज से लिया गया चावल का नमूना अधोमानक पाया गया है, जिससे दोनों एसएफसी गोदाम के प्रभारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। इसके बाद दोनों गोदाम प्रभारियों के विरूद्घ एडीएम कोर्ट में मुकदमा दायर किया जाएगा।
- कौशलेंद्र शर्मा, सहायक आयुक्त खाद्य
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