डीएम किंजल सिंह की पहल पर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किए गए मेरा सारथी मोबाइल एप्लीकेशन की लांचिंग शनिवार को भव्य समारोह में की गई। शहर के अकेजन लान में राज्यसभा सदस्य रविप्रकाश वर्मा और एवरेस्ट विजेता अरुणिमा सिन्हा ने मेरा सारथी एप्लीकेशन को लांच किया। इस दौरान युवा कल्याण परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष आरए उस्मानी, विधायक कस्ता सुनील लाला, गोला विधायक विनय तिवारी, सपा जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल, डीएम किंजल सिंह, एसपी अरविंद सेन सहित प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे। इसके बाद अतिथियों ने स्कूल वाहन चालकों को यूनिक आईडी वितरित की तो योजना में सहयोग देने वाले प्रधानाचार्यों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। समारोह का संचालन राममोहन गुप्ता ने किया।
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सांसद ने सराही डीएम की पहल
राज्यसभा सांसद रवि प्रकाश वर्मा ने बढ़ रहे अपराधों और बच्चों की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त करते हुए मेरा सारथी एप्लीकेशन की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों की चिंता किए बिना कोई देश तरक्की नहीं कर सकता। उन्होंने डीएम की इस पहल की जमकर सराहना की।
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डीएम ने की अभिभावकों से सहयोग की अपील
डीएम ने कहा कि उन्होंने इस योजना की शुरुआत की है। अब अभिभावकों की जागरूकता के आधार पर इसका विस्तार किया जाएगा। उनकी मंशा है कि यदि कोई बदमाश बच्चों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है तो उसे सख्त सजा दिलाई जा सके। इसके लिए अभिभावकों का सहयोग बहुत जरूरी है। डीएम ने कहा कि उन्हें खीरी को ऐसा जिला बनाना है, जिसके लिए कहा जाए कि बच्चा खीरी में है तो उस पर कोई खतरा नहीं हो सकता।
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समारोह में यह लोग भी रहे मौजूद
मोबाइल एल्पीकेशन लांचिंग के मौके पर विधायक रामसरन, सपा पूर्व जिलाध्यक्ष शशांक यादव, वर्तमान जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल, तृप्ती अवस्थी, जिला विद्यालय निरीक्षक ओपी गुप्ता, एआरटीओ श्वेता वर्मा और एआरटीओ संजीव गुप्ता सहित तमाम अधिकारी उपस्थित थे।
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सारथी की यह हैं विशेषताएं
-सारथी अपराधों को कम करने में मददगार साबित होगा
-सभी ड्राइवरों का यूआईडी रजिस्ट्रेशन होगा
-सभी स्कूल ड्राइवरों का रिकार्ड प्रशासन के पास होगा
-सिस्टम में स्कूल, ड्राइवर, अभिभावक शामिल होंगे
-अभिभावकों के सुझाव पर चालकाें की व्यवहारिकता को रिकार्ड किया जाएगा
-अभिभावक अब बच्चों की सुरक्षा के प्रति निश्चिंत रहेंगे।
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सारथी कैसे काम करेगा
स्कूल, ड्राइवर, प्रशासन अनुशासित सिस्टम से जुड़ेंगे, ड्राइवरों की जानकारी सारथी से प्राप्त की जा सकेगी, ड्राइवर सेक्शन से सुझाव और शिकायतें दर्ज हो सकेंगी, यदि ड्राइवर की यूआईडी ज्ञात है तो सीधे प्रविष्टि से जानकारी प्राप्त की जा सकेगी, सुझावों से ड्राइवर की प्रोफाइल व्यवस्थित की जाएगी।
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‘आदमी शरीर से नहीं दिमाग से होता है विकलांग’
लखीमपुर खीरी। मेरा सारथी एप की लांचिंग करने आई एवरेस्ट विजेता अरुणिमा सिन्हा ने अमर उजाला से वार्ता करते हुए कहा कि आज अधिकतर युवा कुछ न कर पाने का रोना रोते हैं, बल्कि असल समस्या यह है कि उनके पास कोई लक्ष्य नही नहीं होता। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे लोग लक्ष्य निर्धारित कर उसके पीछे पागलों की तरह लग जाएं और जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए तक उसे प्राप्त करने लिए प्रयत्नशील बने रहें। उन्होंने अपनी संघर्ष गाथा बताते हुए कहा कि जब उन्होंने एवरेस्ट फतह करने का लक्ष्य निर्धारित किया तो लोगों ने विकलांग होने की बात कहते हुए मना किया लेकिन उन्होंने यह स्वीकार ही नहीं किया कि वे विकलांग हैं। उन्होंने कहा व्यक्ति शरीर से नहीं मन से विकलांग होता है। उन्होंने बताया कि जब एवरेस्ट फतह करने की आखिरी चढ़ाई रह गई थी उनके पास आक्सीजन कम हो गई थी। उनके गाइड ने उनसे वापस आने के लिए कहा लेकिन उन्होंने लौटना स्वीकार नहीं किया। आखिर उन्होंने एवरेस्ट पर तिरंगा फहरा दिया। उन्होंने अनुभव बताते हुए कहा कि एवरेस्ट की चढ़ाई के दौरान ही कुछ लोगों की मौत हो गई थी। कुछ क्षण के लिए वे विचलित भी र्हुइं लेकिन उन्हें अपना लक्ष्य याद था। उन्होंने कहा कि दृढ़ संकल्प हो तो किसी प्रकार की विकलांगता कोई मायने नहीं रखती।