घर में अनाज का दाना न होने पर फांसी लगाकर देदी थी जान, पत्नी भी पीया था कीटनाशक
मामला सुर्खियों में आने के बाद तहसीलदार और सप्लाई इंस्पेक्टर पहुंचे गांव
विधायक केजी पटेल ने हर संभव मदद का दिया अश्वासन
तारानगर में अनाज का दाना घर में न होने के कारण मौत को गले लगाने वाले टीकाराम के घर तहसीलदार और सप्लाई इंस्पेक्टर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया। आरोप है कि प्रशासन मामले में लीपापोती करने में जुटा है। लेखपाल का दावा है कि उसके घर में नौ क्विंटल गेहूं हैं। जबकि टीकराम की पत्नी पार्वती ने बताया कि अभी गेहूं खेत में लगा है। सूखा पड़ने और घर में पैसा न होने के कारण गेहूं की फसल अच्छी नहीं हुई है। गेहूं अभी खेत में ही लगा है। पार्वती ने तहसीलदार और सप्लाई इंस्पेक्टर को रोरोकर अपनी व्यथा सुनाई।
तारानगर निवासी टीकाराम ने अपने चौथी बेटी पूजा का ब्याह रविवार को लोगों की मदद से किया था। शादी के बाद घर में कुछ न बचने के कारण मेहमानों को खिलाने के लिए अनाज का एक भी दाना नहीं बचा था। बुधवार की रात मेहमानों को खिलाने के लिए खाना न होने के कारण उसकी पत्नी पार्वती ने कीटनाशक पी लिया और टीकाराम ने फांसी लगाकर मौत को गले लगा लिया था। पहले तो राजस्व प्रशासन ने पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया। बाद में मामला सुर्खियों में आने के बाद शुक्रवार की सुबह सप्लाई इंस्पेक्टर पीके सुधाकर के साथ गांव पहुंचे। वहां पर मृतक टीकाराम की पत्नी से पूरे मामले की जानकारी ली। हालांकि प्रशासन अब भी गरीबी के चलते आत्महत्या करने की बात से इंकार कर रहा है। उधर पार्वती ने रोरोकर अपनी व्यथा तहसीलदार और सप्लाई इंस्पेक्टर को सुनाई। उसने कहा कि घर में छप्पर तक नहीं बचा है। अब कैसे वह अपने बच्चों का पेट पालेगी।
कोटेदार शुक्रवार की सुबह ही पार्वती के घर पहुंचा और 20 किलो गेहूं, पांच किलो चीनी और करीब 10 किलो चावल देकर उसे मनाने की कोशिश की। विधायक केजी पटेल ने भी हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
टीकाराम ने किन कारणों से आत्महत्या की इस बात की जांच चल रही है। लोगों ने सहयोग कर उसके बेटी की शादी कराई थी। उसे पिछले माह राशन और शकर मिली थी। कोटेदार ने शुक्रवार को भी उसकी मदद की है। परिवार गरीब है। पारिवारिक लाभ दिया जाएगा। इसके अलावा जो मदद हो सकती है वह की जाएगी।
-जगदीश सिंह तहसीलदार।