तराई में गर्मी पूरे शबाब पर आ गई है। कड़ी धूप और भीषण गर्मी से लोग ही नहीं पशु पक्षी भी बेहाल हैं। चिलचिलाती धूप में लोगों को घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो रहा है। आसमान से बरसती आग के कारण सड़कें ही नही पक्के मकान तक तप रहे हैं। गर्मी के कारण न लोगों को घर में चैन मिल रहा है न बाहर। इसके चलते शुक्रवार को दिन में 11 बजे से ही बाजार और सड़कों पर सन्नाटा छा गया।
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। वायुमंडल में नमी शून्य थी। सुबह कड़ी तपिश लिए हुए सूरज निकला। दोपहर होते-होते ऐसा लगा जैसे आसमान से आग बरस रही हो। कड़ी धूप के कारण पक्के मकान भट्ठी में तब्दील हो गए। सड़कें तवे सी तपने लगीं।
कड़ी धूप के साथ गर्म हवा के थपेड़ों ने गर्मी को और ज्यादा बढ़ा दिया। पूरे बदन को कपड़ों के लबादे से ढकने के बाद भी लग रहा था जैसे धूप कपड़ों को चीर कर शरीर में चुभ रही हो। बाजार में ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोग ही दिख रहे थे वह भी जल्दी-जल्दी काम निपटाकर छाया तलाशते दिखाई दिए। दोपहर में पशु पक्षी भी सड़क से हटकर घरों के बरामदों और दूसरी छायादार जगहों पर शरण लेकर आराम करते दिखे।
पंतनगर विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी डॉ. आरएस कुशवाहा ने बताया कि नौ और 10 मई को आसमान में हल्के बादल छाए रह सकते हैं। 11 मई को हल्की बारिश हो सकती है। फिलहाल गर्मी से जल्दी निजात मिलने की उम्मीद नहीं है।