लखीमपुर खीरी। मथना गांव में शिवसागर वर्मा (65) की हत्या का सोमवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस के मुताबिक, उनके दामाद संतोष वर्मा (44) ने पत्नी के साथ चल रहे भरण-पोषण के मुकदमे में चार बीघा पैतृक जमीन कुर्क होने के डर से हत्या की थी।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। झाड़ियों से खून से सनी शर्ट और हत्या में इस्तेमाल आला कत्ल बल्लम बरामद हुआ है।
शनिवार शाम करीब पांच से छह बजे के बीच शिवसागर साइकिल पर चारा लादकर मथना से शिवालापुरवा मार्ग होते हुए घर लौट रहे थे। इसी दौरान सुनसान रास्ते पर धारदार और नुकीले हथियार से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई। घटना के खुलासे के लिए पुलिस ने टीमें लगाई थीं।
एसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने बताया कि जांच के दौरान शक मृतक के रिश्तेदारों पर गया। दामाद संतोष को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो हत्या का खुलासा हुआ।
पुलिस के मुताबिक, संतोष की शादी वर्ष 2003 में शिवसागर की बेटी अनीता देवी से हुई थी। आपसी विवाद के चलते अनीता 2007 से बेटे के साथ मायके में रह रही थीं। उनका पारिवारिक न्यायालय में भरण-पोषण का मुकदमा चल रहा था, जिसकी पैरवी शिवसागर कर रहे थे।
जुर्माना जमा न करने पर संतोष की चार बीघा पैतृक जमीन कुर्क होने का डर था। पुलिस के अनुसार, 16 अक्तूबर को न्यायालय में पेशी के दौरान जुर्माना जमा करने को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई थी।
भतीजे पर हुए जानलेवा हमले की गुत्थी नहीं सुलझी
सदर कोतवाली पुलिस मृतक शिवसागर के भतीजे पर हुए जानलेवा हमले की गुत्थी आज तक नहीं सुलझा सकी है। सूत्रों का कहना है कि भतीजे सुनील पर हुए जानलेवा हमले में भी उसके दामाद संतोष का हाथ था, लेकिन पुलिस ने इस घटना के खुलासे में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। लिहाजा परिजनों ने इसको लेकर विरोध भी किया था।