जिले में बदहाल पड़े करीब 150 शौचालयों की दशा सुधारने के लिए ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को 22 जून तक की मोहलत दी गई है। साथ ही 25 जून तक शौचालयों के मरम्मत से पूर्व और मरम्मत के बाद की फोटो उपलब्ध कराने को कहा गया है। इस महत्वपूर्ण बैठक में गैरहाजिर रहने पर डीपीआरओ योगेंद्र कटियार ने आठ ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों का एक दिन का वेतन रोक दिया है।
सोमवार को विकास भवन के सभागार में जिले के प्राथमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शौचालयों की मरम्मत, रखरखाव और उन्हें क्रियाशील बनाने को लेकर संबंधित ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई। जिसमें डीपीआरओ योगेंद्र कटियार, बीएसए ओपी राय, नंदकिशोर दीक्षित परियोजना समन्वयक (स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण), नीरज मिश्रा डीसी निर्माण, सहायक विकास अधिकारियों और ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों ने भाग लिया। बीएसए ओपी राय ने कहा कि पिछले 15 दिनों से शासन और मंडल स्तर से गठित टीमें जिले में भ्रमण कर जर्जर/मरम्मत योग्य स्कूलों के शौचालयों की जांच कर रहे हैं। इसलिए मरम्मत योग्य शौचालयों को शीघ्र क्रियाशील कर लिया जाए। डीपीआरओ ने बेसिक शिक्षा विभाग की ओर सौंपी गई मरम्मत/जर्जर स्कूल भवनों की सूची और उन्हें को क्रियाशील बनाने के लिए किए गए प्रयासों की समीक्षा की। डीपीआरओ ने आठ ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों के बिना कारण बताए बैठक से अनुपस्थिति रहने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उनके एक दिन का वेतन रोक दिया। डीपीआरओ ने कहा कि अगर निर्देशों की अवहेलना की गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि जिले में करीब 150 स्कूलों के शौचालय बदहाल पड़े हैं, जो इस्तेमाल करने योग्य नहीं रह गए हैं। 13वें वित्त आयोग से इन शौचालयों की दशा सुधारी जानी है।