लखीमपुर खीरी। शहर के चौराहों और मुख्य मार्गों पर बिना अनुमति लगे होर्डिंगों से सुरक्षा का खतरा भी है। नगर पालिका की ओर से केवल 50 निर्धारित स्थानों पर ही होर्डिंग लगाने के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। इसके बावजूद जगह-जगह अवैध होर्डिंग लगाकर न सिर्फ राजस्व को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, बल्कि शहर में अव्यवस्था भी बढ़ रही है।
अवैध रूप से लगे इन होर्डिंग से बिजली के खंभे, सड़क संकेतक ढक जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। कई जगह बड़े होर्डिंग तूफान या बारिश में गिरकर हादसे का कारण भी बन सकते हैं। लोगों का मानना है कि नगर पालिका डिजिटल होर्डिंग को बढ़ावा दे और मानक तय कर निर्धारित स्थानों की संख्या बढ़ाए तो राजस्व में वृद्धि होगी और शहर का दृश्य भी साफ-सुथरा रहेगा।
ये हैं नियम...
- नगर पालिका की पूर्व अनुमति आवश्यक
- निर्धारित शुल्क व लाइसेंस शुल्क का भुगतान अनिवार्य
- यातायात बाधित करने वाले, बिजली के खंभे या सार्वजनिक संपत्ति पर बिना अनुमति होर्डिंग पूरी तरह प्रतिबंधित
- होर्डिंग्स की मजबूती व सुरक्षा मानक तय, दुर्घटना होने पर जिम्मेदारी विज्ञापनदाता की
- समय सीमा पूरी होने पर तुरंत हटाना अनिवार्य
- निजी संपत्ति पर भी आकार और नियम लागू होंगे
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सिर्फ निर्धारित स्थानों पर ही होर्डिंग्स की अनुमति है। बाकी अधिकृत स्थानों की संख्या बढ़ाने पर भी योजना बनाई जाएगी और अवैध होर्डिंग उतरवाई जाएंगी।
- संजय कुमार, ईओ नगर पालिका लखीमपुर
आंबेडकर तिराहे पर लगी होर्डिंग्स। संवाद