लखीमपुर खीरी। रविवार सुबह चिल्ड्रन वार्ड का आईसीयू ऑपरेटर विहीन रहा, जबकि आईसीयू में हाई ग्रेड फीवर पीड़ित पांच बच्चों का इलाज चल रहा है। इसमें एक बच्चा स्क्रब टाइफस और एक मलेरिया बुखार की चपेट में हैं। ऐसे में ऑपरेटर का न होना मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करना है।
आईसीयू वार्ड में दस बेड हैं। हर बेड पर वेंटिलेटर, इंफ्यूजन पंप के साथ पेशेंट मॉनिटर लगे हैं। इनकी देखरेख की जिम्मेदारी एक टेक्नीशियन सहित चार वेंटीलेटर ऑपरेटरों की हैं। इसके लिए एक टेक्नीशियन के अलावा चार ऑपरेटरों की तैनात हैं। इनमें से शिफ्टवार तीन ऑपरेटरों की ड्यूटी लगती है, जबकि एक रिलीवर रहता है। चार ऑपरेटर होने के बावजूद संडे के दिन आईसीयू वार्ड ऑपरेटर विहीन रहा। अस्पताल के लोग बताते हैं कि सोमवार से शनिवार तक तीन शिफ्ट में ऑपरेटर की ड्यूटी रहती है, लेकिन रविवार को यह छुट्टी मनाते हैं।
ऑपरेटर का कार्य
वेंटिलेटर, इंफ्यूजन पंप एवं पेशेंट मॉनिटर में यदि किसी प्रकार की दिक्क्त आ जाए तो उसे फौरन दुरुस्त किया जा सके।
वार्डों में ड्यूटी लगाने का काम मेट्रन करती हैं। आईसीयू में ऑपरेटर की ड्यूटी का न लगना गलत है, क्योंकि इस समय बुखार काफी तेजी से फैल रहा है। इसलिए आईसीयू वार्ड को लेकर किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। इस संबंध में मेट्रन से जवाब तलब किया जाएगा।
-डॉ. आईके राम चंदानी, सीएमएस जिला अस्पताल