लखीमपुर खीरी। पिछले चार दिनों से हो रही रिमझिम बारिश से खेतों में हरियाली लौट आई है। उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली है लेकिन तेज हवा के कारण धान, गन्ना और केले की फसल गिर जाने से किसानों को नुकसान भी उठाना पड़ा है। कई जगह बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। रविवार को भी आसमान में बादल छाए रहे। सुबह 10 बजे कुछ देर के लिए बारिश हुई। इसके बाद बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रहा जिससे पूरे दिन मौसम खुशनुमा रहा।
रविवार को अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पिछले तीन दिनों से सूरज बादलों के बीच छिपा रहा। रुक-रुककर बारिश होने से आम जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। दैनिक मजदूरी करने वाले लोगों के लिए काम का संकट पैदा हो गया और लोगों को परेशानियां उठानी पड़ीं। शहर में कई जगह जलभराव हो जाने से लोगों को आवागमन में भी दिक्कतें उठानी पड़ीं। बाजार में भी सन्नाटा पसरा दिखा।
अभी तीन दिन और बारिश होने के आसार
बारिश ने मौसम में बदलाव की दस्तक दे दी है। मौसम विभाग का कहना है कि मौसम खुलने के बाद अभी उमस भरी गर्मी का सितम फिर बढ़ सकता है। सोमवार को दिन में और रात में तेज बारिश हो सकती है। दोपहर के समय तेज आंधी आने के भी आसार हैं। मौसम में करीब 95 फीसदी नमी रहेगी। अगले तीन दिनों तक रुक-रुककर बारिश हो सकती है। यह बारिश फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी, लेकिन तेज हवा नुकसान कर सकती हैं।
बारिश से फसलों को फायदा लेकिन तेज हवा ने पहुंचाया नुकसान
कृषि विज्ञान केंद्र लखीमपुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुहैल का कहना है कि बारिश धान और गन्ने के लिए विशेष फायदेमंद साबित हुई है। किसानों का सिंचाई का खर्च बच गया है। बावजूद इसके तेज हवा के कारण धान और गन्ने की फसल खेतों में गिर गई है। इससे उत्पादन कम होने और कीट लगने की आशंका भी बढ़ गई है। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि गन्ने की तत्काल बंधाई कर दें।
बारिश से गांवों में हुआ जलभराव
पलियाकलां। लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। रविवार को पूरे दिन कभी तेज बारिश तो कभी बूंदाबांदी होती रही। जिससे बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। इसके अलावा बेला कलां, बसंतापुर, पतवारा, छोटी पलिया, बोझवा, मटैहिया आदि गांवों में जलभराव हो गया है। ग्रामीणों को सड़कों से निकलने में परेशानी हो रही है।
रिमझिम बरसात में कुछ इस तरह निकले लोग