दुधवा नेशनल पार्क में मंगलवार को भी ताला लटका रहा। सोमवार को लखनऊ में चीफ सेक्रेटरी (सीएस) आलोक रंजन के डीएम किंजल सिंह और पार्क के उपनिदेशक पीपी सिंह को मिलकर काम करने के निर्देश का भी अधिकारियों और कर्मचारियों पर असर नहीं पड़ा। यहां आने वाले पर्यटक भी निराश हो रहे हैं।
कइयों ने तो बहुत पहले से पार्क में बुकिंग करा रखी थी, उन्हें भी परेशानी उठानी पड़ रही है। उधर फेडरेशन के पदाधिकारियों ने प्रशासन द्वारा शांति भंग की कार्रवाई का आरोप लगाया, जबकि एसडीएम पलिया पीके सिंह ने ऐसी किसी कार्रवाई से इनकार किया।
मंगलवार को दुधवा की सभी रेंजों के अधिकारी, कर्मचारी पलिया मुख्यालय पर एकत्र हुए और विरोध जताते हुए डीएम पा कार्रवाई की मांग की। इस दौरान सभा में भी फेडरेशन के उपाध्यक्ष रामकुमार समेत कई वक्ताओं ने कहा कि प्रशासन नए षड्यंत्र रचकर उन्हें फंसाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि मामले में न्यायोचित कार्रवाई नहीं हुई है। निर्णय से वे सहमत नहीं हैं।
उत्तर प्रदेश सहायक वन कर्मचारी संघ ने भी दिया समर्थन
फेडरेशन आफ फारेस्ट संस्था को उत्तर प्रदेश सहायक वन कर्मचारी संघ लखनऊ ने भी समर्थन दिया है। इसके अध्यक्ष नफीस खान ने मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर डीएम के तबादले की मांग की है।
पर्यटन शुरू करने के निर्देश को कर्मियों ने नकारा
दुधवा में पर्यटन को शुरू करने के डीडी पीपी सिंह के निर्देशों को कर्मियों ने नकार दिया है। कर्मियों ने कहा है कि वे न्यायोचित कार्रवाई होने तक काम बंद रखेंगे, हालांकि पर्यटन शुरू कराए जाने को लेकर डीडी और कर्मियों में वार्ता चल रही है।
दुधवा गौरीफंटा मार्ग पर पकड़ा मछली का शिकार
पलियाकलां। दुधवा के पार्क कर्मियों को दुधवा संरक्षित क्षेत्र में दुधवा गौरीफंटा मार्ग पर चौखंभा के पास पार्क के तालाब पर तमाम आदिवासी महिलाएं मिलीं। पार्ककर्मियों का आरोप है कि जब वे वहां पहुंचे और महिलाओं को शिकार के लिए मना किया तो वे गाली गलौज करने लगीं और कहा कि प्रशासन के अधिकारी कह रहे हैं तो वह कौन होते हैं शिकार के लिए रोकने वाले। इसके बाद महिलाएं वहां से मछली छोड़ कर निकल गईं। मछलियों को जब्त कर लिया गया है। मामले में दुधवा रेंज प्रशासन ने वन्यजीव अधिनियम समेत कई अज्ञात आदिवासी थारू महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। उपाध्यक्ष रामकुमार ने कहा कि ये सब दुधवा के कर्मियों की छवि धूमिल करने के लिए कराया जा रहा है। उधर इस बाबत एसडीएम पीके सिंह का कहना है कि पार्क के अधिकारी दुर्भावना से ऐसे आरोप लगा रहे हैं।
दबाव बनाने के लिए कटान की जांच कर रहा प्रशासन
पलिया एसडीएम पीके सिंह द्वारा जांच में 389 पेड़ काटे जाने की जांच की बाबत पत्रकारों से वार्ता करते हुए फेडरेशन के उपाध्यक्ष रामकुमार समेत कई पदाधिकारियों ने कहा कि प्रशासन उनके अध्यक्ष पतिराज सिंह पर दबाव बनाने के लिए उनके ही क्षेत्र के पुराने कटान को नया दिखाकर कुचक्र रचने का आरोप लगा रहा है। उनका यह भी आरोप है कि अध्यक्ष के खिलाफ एसडीएम द्वारा शांतिभंग की कार्रवाई की गई है जो नाजायज है। हालांकि एसडीएम ने इससे इनकार किया है।