लखीमपुर। अतिरिक्त दहेज के लिए विवाहिता की हत्या के 13 साल पुराने मामले में एडीजे डॉ. पूनम सिंह ने दोषी पति को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने उस पर 13 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी कीर्ति शुक्ला त्रिवेदी ने बताया कि सीतापुर शहर के लोनियनपुरवा निवासी यदुवीर सिंह ने वर्ष 2008 में अपनी पुत्री प्रतिभा की शादी गोला गोकर्णनाथ के मोहल्ला पश्चिम दीक्षिताना निवासी बबलू राठौर से की थी। शादी में सामर्थ्य के अनुसार दान-दहेज दिया गया था, लेकिन ससुराल पक्ष इससे संतुष्ट नहीं था।
आरोप है कि विवाहिता को अतिरिक्त दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। मायके पक्ष ने सिलाई मशीन और टीवी भी दिया था, लेकिन बाद में 50 हजार रुपये नकद और मोटरसाइकिल की मांग की जाने लगी। मांग पूरी न होने पर विवाहिता को प्रताड़ित किया जाता था और दूसरी शादी की धमकी दी जाती थी।
पांच जुलाई, 2013 को प्रतिभा की मौत की सूचना मिलने पर मायके पक्ष गोला पहुंचा तो ससुरालीजन घर छोड़कर भाग गए। मामले में पिता ने पति बबलू राठौर, सास मुन्नी देवी, ससुर ओमप्रकाश, जेठ धनीराम, जेठानी सरिता, जेठ विजयपाल और ननद राखी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस जांच के बाद पति बबलू राठौर, सास मुन्नी देवी और ससुर ओमप्रकाश के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कई गवाह पेश किए।
बुधवार को एडीजे डॉ. पूनम सिंह ने फैसला सुनाते हुए पति बबलू राठौर को सात वर्ष के कठोर कारावास और 13 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सास मुन्नी देवी को पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया, जबकि ससुर ओमप्रकाश की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो चुकी थी।