लखीमपुर। अतिरिक्त दहेज के लिए विवाहिता को मौत के घाट उतारने के मामले में जिला जज शिव कुमार सिंह ने पति को उम्रकैद की सजा और 57 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। सास-ससुर को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा और 47 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि गोला थाना क्षेत्र के रहीमनगर निवासी सुखदेव सिंह ने अपनी बेटी राजविंदर कौर की शादी 14 फरवरी, 2011 को फूलबेहड़ थाना क्षेत्र के दाउदपुर में रहने वाले गुरपेज सिंह के साथ की थी। कुछ समय बाद ससुराल वाले राजविंदर कौर को परेशान करने लगे।
आरोप है कि बीमारी के बाद भी ससुर कुलदीप सिंह और सास गुरजीत कौर ने उसे प्रताड़ित किया।
21 अप्रैल, 2014 को पति गुरुपेज सिंह और ससुर कुलदीप सिंह ने विवाहिता को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। उसी दिन राजविंदर कौर का संदिग्ध हालात में ससुराल में शव पाया गया था।
पुलिस ने नामजद अभियुक्तों की संलिप्तता देखते हुए तीनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। अदालत की सुनवाई के दौरान सास ससुर ने पंजाब में अस्पताल में भर्ती रहने की दलील रखी तो पति गुरुपेज सिंह ने मृतका राजविंदर कौर को बीमार और खुद को निर्दोष बताया था।
बचाव पक्ष ने अपने समर्थन में डॉ. अमरजीत सिंह, डॉ. प्रदीप मिश्र, डॉ. अभिषेक श्रीवास्तव और सर्वेश कुमार को पेश करते हुए उनके बयान दर्ज कराए, तो अभियोजन की ओर से शादी के सात साल के भीतर दहेज प्रताड़ना और अप्राकृतिक मृत्यु को आधार बनाया गया था। अदालत ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए पति गुरुपेज सिंह को उम्रकैद और 57 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है, तो सास ससुर को दोषी पाते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और 47 हज़ार रुपये की सजा सुनाई है।