इसलिए दर्ज कराई थी गुमशुदगी
पुलिस के मुताबकि, श्रीकेशन ने बताया कि पत्नी की हत्या का किसी को शक न हो इसलिए वह भी लोगों के साथ उसकी तलाश में जुटा रहा। 26 दिसंबर को उसने थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी। उधर, मृतका की भाभी राधा और श्रीकेशन के भतीजे सज्जन भी पराना की खोजबीन कर रहे थे। राधा ने ऑनलाइन भी शिकायत दर्ज कराई थी। बताते हैं कि संदेह के घेरे में आने पर खुद श्रीकेशन ने 25 जनवरी को पुलिस को तहरीर देकर पत्नी का शव उसके ही खेत में दबा होने की जानकारी दी थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई थी गला दबाने से मौत की पुष्टि
डीएम के आदेश पर नायब तहसीलदार अश्वनी कुमार की मौजूदगी में फूलबेहड़ पुलिस ने खेत से महिला का शव निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने से मौत की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने श्रीकेशन, भतीजे सज्जन समेत तीन लोगों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की।
सीओ धौरहरा पीपी सिंह ने बताया कि श्रीकेशन ने हत्या करने से लेकर शव छिपाने तक की पूरी घटना कुबूल की है। फूलबेहड़ प्रभारी निरीक्षक आलोक धीमान ने बताया कि मृतका की भाभी राधा की तहरीर पर श्रीकेशन के खिलाफ हत्या सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा तरमीम कर उसे जेल भेज दिया गया है।